Jabalpur: रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों ने खून से लिखा पत्र, 12 दिनों से कुलगुरु को हटाने की कर रहे मांग

Jabalpur News: विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने कुलगुरु के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिससे नाराज होकर अब कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया है. 6 अगस्त से विश्वविद्यालय परिसर में ही सैकड़ों कर्मचारी धरना दे रहे हैं
Rani Durgavati University employees protest

रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के कुलगुरु राजेश वर्मा को हटाने की मांग कर रहे कर्मचारी

Jabalpur News: जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु लगातार विवादों में घिरते चले जा रहे हैं. पहले एक महिला कर्मचारी द्वारा शोषण का आरोप लगाना और अब कर्मचारियों ने कुलगुरु को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया है. पिछले 12 दिनों से विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सैकड़ों कर्मचारी कुलगुरु के खिलाफ धरना दे रहे हैं और अब यह आंदोलन खूनी हो गया है. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपने खून से सरकार को पत्र लिखकर कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा को हटाने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु राजेश वर्मा के खिलाफ पिछले कई महीनो से लगातार शिकायत आ रही हैं. विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने कुलगुरु के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिससे नाराज होकर अब कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया है. 6 अगस्त से विश्वविद्यालय परिसर में ही सैकड़ों कर्मचारी धरना दे रहे हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय से 70 पदों को निरस्त कर दिया है, जिन पर पदस्थ कर्मचारियों को भी हटाया गया है. इन 70 पदों को फिर से लाने के लिए कुलगुरु से कई बार मुलाकात की गई लेकिन कुलगुरु ने अपने ही स्तर पर विश्वविद्यालय से 70 पदों को हटा दिया है जिसकी वजह से 400 से ज्यादा परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

12 दिनों से धरना दे रहे कर्मचारी

वहीं, पदोन्नति, समयमान वेतनमान और अनुकंपा नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर भी कुलगुरु कोई फैसला नहीं ले रहे हैं. जिसकी वजह से कर्मचारियों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कुलगुरु से कर्मचारियों के हितों को लेकर कई बार मुलाकात की गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की विश्वविद्यालय के कुलगुरु राजेश वर्मा लगातार कर्मचारी विरोधी नीति पर काम कर रहे हैं इसलिए अब कर्मचारियों ने उन्हें हटाने का फैसला कर लिया है और पिछले 12 दिनों से धरना दे रहे हैं अपने खून से पत्र लिखकर विरुद्ध दर्ज कर रहे हैं कर्मचारियों का कहना है कि कुलगुरु राजेश वर्मा विश्वविद्यालय में रहकर कर्मचारियों का खून ही चूस रहे हैं इसलिए उन्होंने अब अपने खून से पत्र लिखकर कुल गुरु को हटाने की मांग की है.

‘कुलगुरु की अयोग्यता पर उठे सवाल’

कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अब तक जितने भी कुलगुरु रहे, उन पर कभी कोई गंभीर आरोप नहीं लगे. जब से राजेश वर्मा को विश्वविद्यालय का कुलगुरु बनाया गया है, वह लगातार आरोपों में घिर रहे हैं. विश्वविद्यालय के ही एक महिला कर्मचारी द्वारा शारीरिक शोषण का आरोप लगाने के बावजूद भी कुलगुरु के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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वहीं, उनकी योग्यता पर भी सवाल खड़े हो चुके हैं. एक अयोग्य व्यक्ति को कुलगुरु कैसे बना दिया. इस पर लगातार शिकायत की गई है लेकिन राजेश वर्मा को राजनीतिक संरक्षण मिला है इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है लेकिन अब कर्मचारी लगातार आंदोलन करेंगे. जब तक कुलगुरु राजेश वर्मा को उनके पद से हटाया नहीं जाता.

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