जबलपुर शहर से 40 किमी दूर है नर्मदा नदी पर बना बरगी डैम, यहीं 41 लोगों के साथ डूबा क्रूज
Bargi Dam Jabalpur: जबलपुर के बरगी डैम में नर्मदा नदी पर 30 अप्रैल की शाम करीब साढ़े पांच बजे दर्दनाक हादसा हो गया. यहां पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक पानी में डूब गया. जानकारी के अनुसार, क्रूज पर करीब 41 लोग सवार थे जो सैर-सपाटे के लिए निकले थे. जब क्रूज डैम के बीच पहुंचा तभी अचानक तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया. प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया, लेकिन 9 लोगों की डूबने से मौत हो गई और 4 अब भी लापता हैं.
Written By शिवेंद्र कुशवाहा
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Last Updated: May 02, 2026 04:56 PM IST
बरगी डैम जबलपुर
नर्मदा नदी पर बना जबलपुर का प्रसिद्ध बरगी डैम साल भर पर्यटकों के लिए खुला रहता है, जहां जलस्तर सही होने पर मुख्य रूप से नौका विहार का आनंद लिया जा सकता है. अक्टूबर से अप्रैल बरगी डैम घूमने का सबसे अच्छा समय माना जाता है, फिर भी मौसम के अचानक बिगड़ने के कारण यह दुखद हादसा हो गया. जबलपुर से 40 किमी दूर नर्मदा नदी पर बना बरगी डैम मध्य प्रदेश की एक पुरानी और बड़ी परियोजना है, जिसे 1974 से 1990 के बीच तैयार किया गया था. इस बांध के निर्माण के लिए कई गांवों को विस्थापित किया गया और आज इसका पानी जबलपुर, मंडला एवं सिवनी जैसे जिलों की सिंचाई और ज़रूरतों को पूरा करता है. जबलपुर-नागपुर हाईवे (NH-7) के पास बरगी गांव में स्थित होने के कारण इस बांध का नाम ‘बरगी डैम’ पड़ा है. यह डैम न केवल 90 मेगावाट बिजली बनाता है, बल्कि अपनी नहरों के जरिए कई जिलों की हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन की सिंचाई भी करता है. खेती और बिजली के साथ-साथ बरगी बांध का इस्तेमाल पर्यटन के लिए भी किया जाता है, जहां इसके विशाल झील में सैलानियों के लिए कई मौके मौजूद हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने यहां रिजॉर्ट और बोटिंग जैसी सुविधाएं दी हैं, जिसके तहत लोग झील में क्रूज और नौका विहार का आनंद लेते हैं. बरगी डैम की तरह ही नर्मदा नदी पर इंदिरा सागर बांध बना है, जिसे ‘हनुवंतिया टापू’ के नाम से पहचाना जाता है. इसका जलाशय भारत के सबसे बड़े जल क्षेत्रों में से एक है, जहां बरगी की ही तरह सैलानियों के लिए बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है.