Dhanteras 2026: धनतेरस की शाम जलाएं 11 या 13 दीपक, यम दीपक से घर में आएगी खुशहाली
धनतेरस 2026
Dhanteras Diya Direction Rules: धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ चीजें खरीदते हैं. इसके अलावा शाम के समय घर में दीपक जलाने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर 13 दीपक जलाना शुभ माना जाता है. इनमें एक दीपक यमराज के नाम से जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहते हैं. इस बार धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जा रही है. आइए जानते हैं 13 दीपक जलाने का महत्व और इन्हें रखने का सही तरीका.
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाते हैं?
धनतेरस कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है. त्रयोदशी महीने की 13वीं तिथि होती है. इसी वजह से इस दिन 13 दीपक जलाने की परंपरा है. मान्यता है कि दीपक जलाने से घर में सुख-शांति, खुशहाली और सकारात्मकता बनी रहता है. साथ ही परिवार के सदस्यों की अच्छी सेहत की कामना भी की जाती है.
घर में 13 दीपक कहां जलाएं?
- धनतेरस की शाम पहला दीपक यमराज के नाम से घर के मुख्य दरवाजे के बाहर जलाएं.
- दूसरा दीपक पूजा घर, तीसरी मां लक्ष्मी के सामने और चौथा मुख्य प्रवेश द्वार पर रखें.
- पांचवां दीपक तुलसी के पौधे के पास और छठा रसोई मी जलाएं.
- सातवां दीपक छत या बालकनी, आठवां खिड़की और नौवां आंगन में रखें.
- दसवां दीपक घर की किसी साफ जगह, ग्यारहवां प्रवेश मार्ग, बारहवां किसी अच्छे स्थान पर मंदिर या आंगन में जलाएं.
यम दीपक जलाने का सही तरीका क्या है?
- यम दीपक जलाने के लिए मिट्टी का चौमुखा दीपक लें.
- इसमें सरसों या तिल का तेल डालें और रुई का चार बत्तियां लगाएं.
- शाम को प्रदोष काल में इसे घर के मेन दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएं.
- इस दौरान यमराज से परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना करें.
- मान्यता है कि इससे मृत्यु का भय दूर होता है.



