Congress Samajwadi Party Alliance: रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी से पत्रकारों ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के साथ गठबंधन को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया, बल्कि इस दौरान उन्होंने मीडिया से देश की मुख्य समस्याओं पर फोकस करने की बात कही.
Lucknow: प्रतीक यादव की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. करीबी लोगों में शोक की लहर है. जो भी श्रद्धांजलि देने पहुंचा. उसकी आंखें नम रहीं.
Prateek Yadav Death News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है. अब तक मौत की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है. इसके अलावा पत्नी से विवाद और उनकी बीमारी को लेकर भी चर्चा तेज है.
Prateek Yadav Death News: भाई प्रतीक यादव की मौत पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी प्रतीक से 2 महीने पहले मुलाकात हुई थी. उस दौरान उन्हें समझाया भी था. अखिलेश कहा कि यह दुखद है कि वे आज हमारे बीच नहीं हैं. कानून और परिवार के लोग जो कहेंगे, हम उसी बात को मानेंगे.
अखिलेश यादव ने कहा, 'अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे. देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है. आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित है.'
UP Assembly Election: अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और स्मार्ट मीटर को मुद्दा बनाया. इस दौरान उन्होंने ऐला किया कि अगर सपा सरकार बनती है, तो जनता को 300 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए पेंशन दी जाएगी.
Women Reservation Bill: अखिलेश यादव ने कहा कि जब कल रात प्रधानमंत्री के संबोधन की खबर आई, तो सबको लगा कि शायद किसी महिला को प्रधानमंत्री को बनाने का ऐलान होगा, लेकिन हाथ सिर्फ मायूसी लगी.
संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सोच और भाषा से लगता है कि उनके ऊपर औरंगजेब की आत्मा आ गई है.
UP Politics: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए काफी अहम रहने वाला है. क्योंकि मायावती अपनी खोई हुई जमीन को वापस लाने के प्रयास में हैं. मायावती इस साल मिशन-2027 के आगाज के लिए अपना प्लान तैयार कर लिया है.
Akhilesh Yadav On fuel Crisis: अखिलेश यादव ने BJP वालों से सवाल करते हुए पूछा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और सेवा का दावा करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी अब कहां नदारद हैं?