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Nitish Kumar and Amit Shah

Bihar Politics: पूर्णिया-भागलपुर नहीं, गोपालगंज से ही भाजपा ने क्यों फूंका चुनावी बिगुल?

बिहार में NDA के नेता व सीएम नीतीश कुमार हमेशा बीजेपी के लिए बड़े भाई की भूमिका में रहे हैं. नीतीश कुमार के नाम पर ही बीजेपी वहां चुनाव लड़ती आई है. लेकिन अंदरखाने से खबर है कि इस बार बीजेपी अपने 'बड़े भाई' को आराम करने की सलाह दे सकती है.

Supreme Court

“बिहार में मुखिया बनने के लिए क्रिमिनल केस होना जरूरी…”, सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा?

सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता के वकील ने यह दावा किया कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है, तो जस्टिस सूर्यकांत ने मजाकिया अंदाज में कहा, “आपने तो गुंडों को किराए पर लिया है, एक हेलमेट पहने हुए, दूसरा टोपी लगाए बाइक पर… और अब आप फंस गए हैं क्योंकि आपके खिलाफ साक्ष्य हैं.”

Nitish Kumar

ऐसे तो नहीं थे नीतीश कुमार, अब क्यों बार-बार ऐसी ‘हरकत’ कर रहे हैं बिहार के सीएम?

वैसे तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा अपने विकास और सुधार के कामों के लिए पहचाने जाते रहे हैं, लेकिन अब कुछ अलग ही अंदाज में चर्चा में हैं. हाल ही में उनकी कुछ ऐसी 'हरकतें' हुईं, जिनसे उनका व्यक्तित्व नया मोड़ लेता हुआ दिखा और अब उनका हर एक कदम मीडिया की सुर्खियों में है.

Rahul Gandhi Tejashwi Yadav

लालू-तेजस्वी ने केजरीवाल को दिया था समर्थन…अब बिहार में बवाल काटने के मूड में राहुल गांधी, RJD के साथ ‘खेला’ कर सकती है कांग्रेस!

यह पूरी कहानी कुछ इस तरह की है. राजद को लगता है कि कांग्रेस अब उनका एहसान नहीं मानती. वही कांग्रेस, जो पहले राजद के साथ गठबंधन में फंसी हुई थी, अब अपने पंख फैलाने का प्लान बना रही है. इसे कुछ यूं समझिए जैसे लालू यादव और कांग्रेस के रिश्ते में अब दरारें आने लगी हैं.

Nitish Kumar

नीतीश के ’15 करोड़’ वाले दांव को BJP ने ’36’ तक पहुंचाया…अंदर की बात से परेशान हो गए होंगे तेजस्वी! दिन-ब-दिन बदल रही है बिहार की राजनीति

जब हम बात करते हैं कहार जाति की, तो यह जाति बिहार के सभी 38 जिलों में फैली हुई है, लेकिन सबसे अधिक संख्या में यह जाति गया जिले में पाई जाती है. 2013 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, कहार जाति की संख्या बिहार में 30 लाख से अधिक बताई गई थी. इसके अलावा, यह जाति चंद्रवंशी और रवानी जैसे नामों से भी जानी जाती है.

पटना में लगे लालू यादव के पोस्टर

“मार्च 1990, वो काला दिन…”, पटना के चौक-चौराहों पर अचानक नज़र आने लगे लालू यादव के पोस्टर, समझिए इस सियासी तंज के मायने

दूसरे पोस्टर में तो एक और बड़ा राजनीतिक तंज है. यह पोस्टर 10 मार्च के दिन को चारा घोटाले से जोड़ते हुए दिखाया गया है, जो लालू यादव के शासनकाल का सबसे बड़ा विवाद रहा है. इस पोस्टर में लालू यादव की होली खेलते हुए ढोल बजाने की तस्वीर को फिर से इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इसे चारा घोटाले से जोड़ा गया है.

Bageshwar Baba

बाबा बागेश्वर से लेकर श्री श्री रविशंकर तक…बिहार की सियासत में हिंदुत्व की त्रिमूर्ति का तगड़ा इफेक्ट, टेंशन में महागठबंधन!

बिहार में हिंदुत्व की इन तीन प्रमुख शख्सियतों के दौरे से महागठबंधन की बेचैनी बढ़ गई है. राजद नेता तेजस्वी यादव इस मुद्दे को तूल देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं और इसे संविधान की सीमाओं के भीतर रखने की बात कर रहे हैं. हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने खुले तौर पर बाबा बागेश्वर की गिरफ्तारी की मांग की है, और बीजेपी की इस रणनीति को विरोधी साजिश के तौर पर पेश किया है.

7 मंत्रियों के शामिल होने से नीतीश कैबिनेट का बदलेगा जातीय समीकरण, बिहार चुनाव से पहले NDA का दांव क्या रंग लाएगा?

Bihar: प्रदेश में NDA की सरकार बनने के एक साल बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है. वहीं यह बिहार चुनाव से 6 माह पहले कैबिनेट में 7 मंत्रियों को शामिल किया गया है. ये सभी मंत्री भाजपा कोटे से हैं. इस विस्तार के बाद से अब बिहार कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 36 हो गई है.

Bihar Politics

बिहार कैबिनेट विस्तार का फॉर्मूला तय! BJP के ये 7 नेता बन सकते हैं मंत्री

Bihar Politics: बिहार से यह खबर सामने आ रही है कि नीतीश कैबिनेट का विस्तार होगा. बुधवार, 26 फरवरी को बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार होना है.सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान से आज शाम का समय भी मांग लिया गया है. उम्मीद है की आज ही कैबिनेट विस्तार कर लिया जाएगा. विस्तार को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं.

Nitish Kumar, JP Nadda

ऐसे ही नहीं जेपी नड्डा से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे नीतीश कुमार, बिहार में सियासी बवंडर की हो गई है शुरुआत!

पीएम मोदी का बिहार दौरा और उसके बाद नीतीश कुमार और जेपी नड्डा की बैठक यह साफ संकेत देती है कि राज्य में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन फिर से मजबूत हो सकता है. साथ ही, कुछ अन्य प्रमुख नेताओं की इसमें भूमिका अहम हो सकती है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य कई केंद्रीय नेता भी बिहार में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं.

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