Vinod Sahani Murder Case: गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के बाद निलंबित किए गए तत्कालीन SHO कमल शंकर चतुर्वेदी की 19 दिन बाद बहाली कर दी गई है. इसके बाद एक बार फिर साहनी हत्याकांड चर्चा में आ गया है.
Muzaffarnagar SP Leaders Clash: सपा छात्रसभा महानगर अध्यक्ष नदीम मलिक और सपा कार्यकर्ता इसरार अल्वी ने एक-दूसरे के सोशल मीडिया पर कमेंट्स कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया.
Shahjahanpur Temple Double Murder Case: शाहजहांपुर में विवाद जमीन पर कब्जा करने को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में हत्या में बदल गया. मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है.
Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया है. दोनों की सजा पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होगी, जबकि सौरभ की मां ने दोनों के लिए मौत की सजा की मांग की है.
Prayagraj Rakhi Relationship Turned Marriage: युवती ने शादी के बाद बताया कि वह और शाश्वत एक-दूसरे को पसंद करते हैं और अपनी मर्जी से ही शादी की है. इस दौरान युवती ने एक वीडियो भी जारी किया है.
Gyanesh Kumar Congress protest: आगरा में CEC ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर SIR के विरोध में प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने FIR दर्ज की है. इसके साथ ही 6 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है.
308 Wheel Mahabali Truck: बेल्जियम से इस विशाल मशीन को समुद्री रास्ते से भारत भेजा गया. जहां करीब 1 महीने के सफर के बाद ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा. ओडिशा से ट्रक में लादकर लखीमपुर खीरी पहुंचाया जा रहा है.
UP Politics Pankaj Niranjan Congress: पंकज निरंजन की कांग्रेस प्रभारी के मुलाकात के बाद राजनीति हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं. लेकिन अभी तक क्लियर नहीं हुआ है कि पंकज खुद कांग्रेस ज्वाइन करने वाले हैं या फिर अपनी ही पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन करेंगे.
Kumar Vishwas: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट के बाद हलचल तेज हो चली है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस लिस्ट में कवि कुमार विश्वास का नाम भी शामिल है.
IAS Divya Mittal Political Announcement: पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने कहा कि उनके लिए राजनीति किसी पद तक पहुंचने के लिए माध्यम नहीं होगी, बल्कि उन लोगों के लिए आवाज बनना चाहती हूं. जिनकी बातें सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती है.