आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को मायावती ने पार्टी से निकाला, UP विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल
मायावती (फाइल फोटो)
UP Assembly Election:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में बहुजन समाज पार्टी भी एक्टिव हो गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया है. उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद से ससुर यानी उनके समधी अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, केरल, गुजरात और कर्नाटक राज्य का प्रभार छीन लिया है. विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में यह बड़ा फेरबदल माना जा रहा है. इसके साथ ही मायावती ने पार्टी में कभी भी वापस नहीं लेने की बात कही है.
मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर मिली शिकायतों के बाद अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन उन्हें दोबारा पार्टी में इस शर्त के साथ वापस लिया गया था कि वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे. जिसके बाद उन्हें कई राज्यों की ज़िम्मेदारी बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में दी गई थी.’
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर…
— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2026
सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए गए अशोक सिद्धार्थ
अशोक सिद्धार्थ ने अपनी जिम्मेदारियों को सही से नहीं निभाया. केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि उड़ीसा व पश्चिम बंगाल राज्यों से भी इनकी अनुशासनहीनता अर्थात् पार्टी के दिशा-निर्देश के उल्लंघन की ख़बरें लगातार आती रहीं, जिसके बाद इनको बार-बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन इन पर कोई असर नहीं हुआ. जिसके बाद पार्टी ने निर्णय लिया कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाता है.
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मायावती ने आगे लिखा, ‘पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जायेगा. अशोक सिद्धार्थ के साथ ही रणधीर सिंह बेनीवाल (निवासी ज़िला सहारनपुर) को बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में पंजाब सहित हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कशमीर की भी कुछ ज़िम्मेदारी दी गयी थी. उनको भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.’ फिलहाल, मायावती ने कार्रवाई करते हुए अपने नेताओं को संदेश दे दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.