सावधान! ई-चालान के नाम पर खाली हो रहे हैं बैंक खाते, ऐसे पहचानें असली और नकली मैसेज
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E Challan Fraud: जैसे जैसे इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का विकास हो रहा है, वैसे-वैसे साइबर ठगी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. रोजाना हजारों की संख्या में लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं. ठग हर बार ठगी के नए-नए तरीके अपनाते हैं, जिससे लोगों को इन्हें समझने और सावधानियां बरतने में मुश्किलें होती हैं. वहीं इन दिनों मार्केट में ई-चालान के नाम से एक नया फ्रॉड चल रहा है. इस नए स्कैम के जरिए ठग मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी कर रहे हैं. लोग कुछ समझ और कर पाते, इससे पहले ही कुछ ही सेकंडों में अकाउंट से पैसा ट्रांसफर हो जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचें.
कैसे होता है ई-चालान फ्रॉड?
साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए मोबाइल पर ई-चालान का एक नकली मैसेज भेजते हैं. इस मैसेज में दावा किया जाता है कि आपकी गाड़ी का चालान कटा है, जिसे आपको तुरंत भरना होगा. इसके साथ ही पैसे चुकाने के लिए एक फेक लिंक भी दिया जाता है. जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक को खोलकर पेमेंट करने की कोशिश करता है, ठग उसके बैंक खाते की जानकारी और OTP चुरा लेते हैं. कई बार तो इस लिंक पर क्लिक करते ही फोन में वायरस या खतरनाक सॉफ्टवेयर डाउनलोड हो जाता है, जिससे पूरा बैंक खाता खाली हो जाता है.
फेक लिंक को ऐसे पहचानें
- असली और नकली चालान मैसेज की पहचान करने का सबसे आसान तरीका उसका लिंक है.
- सरकारी या ट्रैफिक पुलिस के असली मैसेज के लिंक में हमेशा .gov.in (जैसे- echallan.parivahan.gov.in) लिखा होता है.
- अगर मैसेज के लिंक में .com, .net, .org या bit.ly जैसे छोटे और अनजान नाम दिखें, तो वह पूरी तरह फेक है.
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यहां करें शिकायत
- अगर आप अनजाने में इस साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं, तो घबराए बिना तुरंत दो काम करें.
- सबसे पहले अपने बैंक को फोन करके तुरंत अपना कार्ड और नेट बैंकिंग ब्लॉक कराएं.
- इसके बाद तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं.
- जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी.