Fake News Alert: सोशल मीडिया पर फेक न्यूज शेयर करने से पहले हो जाएं सावधान, वरना होगी FIR
फेक न्यूज फैलाना पड़ सकता है भारी
Fake News Rules: आज के समय में हर कोई सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है. अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक न्यूज शेयर कर देते हैं, जिस पर कई लोग भरोसा भी कर लेते हैं. लेकिन अब बिना जांचे-परखे किसी भी फोटो, वीडियो या खबर को शेयर करना भारी पड़ सकता है. फेक और डीपफेक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाता ही तो उसके खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
क्राइम ब्रांच ने लोगों को किया अलर्ट
इंदौर क्राइम ब्रांच के DSP राजेश डंडोतिया ने एक वीडियो जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि गलत जानकारी फैलाना गंभीर अपराध बन सकता है और सके लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
🛑 फेक न्यूज से रहें सावधान 📱 सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें। 🔍 किसी भी समाचार, फोटो, वीडियो या संदेश को आगे भेजने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। – श्री राजेश दंडोतिया, DCP, क्राइम ब्रांच, इंदौर #CyberAwareness #Call1930 https://t.co/DoEwcR5yLd
— Home Department, MP (@mohdept) June 6, 2026
उन्होंने आगे कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की यह जिम्मेदारी है कि वे किसी भी फोटो या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करें. अगर उन्हें अपने फॉलोअर्स का भरोसा बनाए रखना है तो फैक्ट चेक करना बहुत जरूरी है.
फेक न्यूज और डीपफेक से जुड़े नए नियम क्या हैं?
फेक न्यूज और भ्रामक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए कई नियम लागू किए गए हैं. इनके तहत अगर सरकार या कोर्ट का आदेश आता है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भ्रामक या डीपफेक कंटेंट 3 घंटे के अंदर हटाना होगा. अगर आप कंटेंट AI से तैया करती हैं तो उस पर लेबल लगाना जरूरी होगा. अगर कोई जानबूझकर फेक न्यूज फैलाता है तो BNS और IT कानूनों के तहत FIR दर्ज हो सकती है.
समय पर कंटेंट नहीं हटाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय की जाएगी. डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक, किसी भी माध्यम से फेक न्यूज फैलाने पर कार्रवाई हो सकती है. इसलिए सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले उसकी सही जानकारी का पता लगाना जरूरी है.