‘अगली पैदाइश तक CM की उम्मीद नहीं,’ राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज, बोले- जो चुनाव से भागे, वो नेता ही क्या

UP Assembly Election Political Jibe: ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा, अरे मित्र सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे. ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइए हो जाये दो-दो हाथ.
Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा.

OP Rajbhar Targets Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि वह विधानसभा चुनाव 2027 नहीं लड़ेंगे. इसके पीछे का उन्होंने तर्क दिया कि जब वे चुनाव नहीं लड़ते हैं. तभी मुख्यमंत्री बनते हैं. उनके इस बयान को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इसी बीच योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को लेकर तंज कसा है. मंत्री राजभर ने कहा, अरे मित्र आइए हो जाए दो-दो हाथ. आज हम लोगों ने मिलकर सारे टोना-टोटका, भूत-प्रेत, पिशाच सब झार दिए हैं. आपके सब भूत प्रेत गायब हैं.

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा, अरे मित्र सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे. ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइए हो जाये दो-दो हाथ. हमको नहीं पता था कि आप इतना टोना-टोटका मानने वाले हैं. वैसे बिना चुनाव लड़े आपका मुख्यमंत्री बन जाना कोई टोना-टोटका नहीं था मित्र. बल्कि रेडीमेड पार्टी के रेडीमेड शहजादा होने के कारण मुख्यमंत्री बन पाए थे. अब जब, लग गया कि लड़ने गए तो मिट्टीपलीत होनी तय है तो लगे मैदान छोड़कर भागने?

जनता ने 10 साल पहले ही उखाड़ फेंक दियाः मंत्री

मंत्री ने आगे लिखा, मित्र अखिलेश ये लाल टोपी वालों की सरकार नहीं है, जब प्रदेश टोना-टोटका वाले चलाया करते थे. नोएडा से लेकर आगरा, अयोध्या और मथुरा तक टोना-टोटका मानने वालों की सरकार को जनता ने 10 साल पहले ही उखाड़ के फेंक दिया है. आज हम लोगों ने मिलकर सारे टोना-टोटका, भूत-प्रेत, पिशाच सब झार दिए हैं. आपके सब भूत प्रेत गायब हैं.

अगली पैदाइश तक CM की उम्मीद नहींः राजभर

राजभर ने कहा, वैसे भी, ले दे के एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप. अब आगे अगली पैदाइश तक उम्मीद भी नहीं है. तो कम से कम हिम्मत दिखते हुए किसी एक सीट से लड़ लिए होते. डर गए चुनौती पर. चलिए, बाबा विश्वनाथ आपका कल्याण करें. आपके पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, मगर कुछ ही दूर पर उनके दरबार में शीश झुकाने का समय नहीं मिला. कम से कम पास में ही काल भैरव बाबा के दरबार में चले गए होते. वहां आपके सब टोना-टोटका का इलाज हो गया होता.

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