ऑपरेशन स‍िंदूर के ठीक एक साल फ‍िर एक्ट‍िव हुआ जैश, बहावलपुर मरकज में शुरू किया काम

Jaish e Mohammed: ऑपरेशन सिंदूर के ठीक एक साल बाद एक बार फ‍िर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद एक्‍ट‍िव हुआ है. इस ऑपरेशन के ठीक एक साल बाद मरकज सुभानल्लाह को फिर से खड़ा करने की कोशिशें तेज हो गई हैं.
जैश फ‍िर हुआ एक्‍टिव

जैश फ‍िर हुआ एक्‍टिव

Jaish e Mohammed: भारत ने ठीक एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी और उनके ठिकानों को तबाह कर द‍िया था. इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को भी तबाह कर दिया था. अब इस ऑपरेशन के ठीक एक साल बाद मरकज सुभानल्लाह को फिर से खड़ा करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वहां मरम्मत और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार, पिछले साल भारतीय वायुसेना ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बहावलपुर में मौजूद जैश के अहम ठिकानों को निशाना बनाया था. इस हमले में परिसर के कई हिस्से, गुंबद और प्रशिक्षण से जुड़े ढांचे तबाह हो गए थे. इस स्ट्राइक के दौरान आतंकी संगठन से जुड़े कई बड़े चेहरे भी मारे गए थे.

पाकिस्तान के बहावलपुर से अब कुछ तस्‍वीरें सामने आई हैं. इसमें जैश के मुख्यालय परिसर के अंदर निर्माण सामग्री, ईंटें और मरम्मत का काम दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलने के बाद जैश ने अपने इस मुख्यालय को दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

एक साल बाद एक्टिव हुआ जैश

बताया जा रहा है कि परिसर के क्षतिग्रस्त हिस्सों को सीमेंट और लोहे की मदद से दोबारा मजबूत किया जा रहा है. जिन इमारतों को ऑपरेशन के दौरान भारी नुकसान हुआ था, वहां अब मलबा हटाकर नई नींव डालने की तैयारी की जा रही है. मतलब यह कि एक साल बाद अब जैश दोबारा एक्टिव हुआ है. देखना होगा कि इस पर भारत का क्‍या रिएक्शन रहता है.  

भारतीय सेना ने कर द‍िया था तबाह

भारत ने मई 2025 में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी. भारतीय पक्ष का कहना था कि ये हमले आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के उद्देश्य से किए गए थे. 

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी संगठनों के ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिशें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ाने वाली हैं. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो सकती है.

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