‘मुझे बचा लिया लेकिन मेरी पत्नी…’, जबलपुर क्रूज हादसे में मौत के मुंह से बाहर आए शख्स की कहानी रुला देगी
जबलपुर क्रूज हादसे में सुरक्षित बचे सैयद रियाज हुसैन ने सुनाई आपबीती
Jabalpur Cruise Incident: जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. जिन 22 लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उन्होंने रुला देने वाली कहानियां सुनाई हैं. दर्दनाक हादसे की खौफनाक कहानी सुनकर किसी भी व्यक्ति का दिल पसीज उठेगा. इस दुर्घटना में सुरक्षित बचे सैयद हुसैन रियाज ने आपबीती सुनाई. उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें तो बचा लिया गया लेकिन पत्नी, समधन और नाती अब भी लापता हैं.
‘देखते-देखते क्रूज डूबने लगा’
जबलपुर के सिविल लाइन इलाके में रहने वाले सैयद हुसैन रियाज ने बताया कि किस परिस्थिति में उन्हें बाहर निकाला गया. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सैयद ने बताया कि मैं अपनी पत्नी, समधन और नाती के साथ क्रूज पर गुरुवार शाम को सवार हुए थे. क्रूज की सवारी का मजा ले रहे थे. पहले तो सब कुछ ठीक था लेकिन शाम करीब 6 बजे मौसम अचानक बिगड़ गया. तेज आंधी चलने लगी. इससे क्रूज का बैलेंस बिगड़ गया. किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और देखते-देखते क्रूज डूबने लगा. उस समय क्रूज में 25 से 30 लोग सवार थे.
उन्होंने आगे बताया कि सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि किसी को कुछ मालूम ही नहीं चला. चारों ओर चीख-पुकार मचने लगी. इसी बीच पत्नी, समधन और नाती आंखों के सामने से गुम हो गए. लोग मदद की गुहार लगाने लगे.
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‘मेरी गर्दन फंस गई…दो घंटे फंसा रहा’
रौंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस हादसे के वक्त मुझे लगा कि मैं भी नहीं बच पाऊंगा. सैयद ने बताया कि फिर जो हुआ किसी चमत्कार से कम नहीं था. पानी में डूबते हुए मैं बांध की ऐसी जगह पहुंच गया, जहां मेरी गर्दन फंस गई. शरीर पानी के अंदर और गर्दन बाहर थी. सांस मिलती रही. वहां लगभग 2 घंटे तक फंसा रहा. पानी में शव तैरते नजर आ रहे थे. बचावकर्मियों की नजर मुझ पर पड़ी और मुझे बचा लिया गया लेकिन पत्नी, समधन और नाती अभी भी लापता हैं.