MP Rajya Sabha Election: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का ‘उपवास’, दिग्विजय सिंह समेत कई नेता प्रदर्शन में हुए शामिल

MP Rajya Sabha Election: कांग्रेस के इस उपवास वाले प्रदर्शन में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कई बड़े नेता शामिल हुए हैं.
Congress leaders on a fast

उपवास पर बैठे कांग्रेस नेता

MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कल रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया है. नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने इसके खिलाफ दिल्‍ली से लेकर भोपाल तक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

एमपी कांग्रेस के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता भोपाल जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर चुनाव आयोग के खिलाफ उपवास पर बैठे हैं. कांग्रेस के इस उपवास वाले प्रदर्शन में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, सांसद अशोक सिंह, सज्जन सिंह वर्मा सहित कई बड़े नेता शामिल हुए हैं.

प्रदर्शन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन में सभी विधायकों और कार्यकर्ताओं हाथों में बैनर पोस्टर लेकर शामिल हुए हैं. इस प्रदर्शन के तहत शहर में सुरक्षा व्यवस्था को ध्‍यान में रखते हुए बड़ी संख्या में प्रदर्शन स्थल पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही QRF यानी क्विक रिएक्शन फोर्स के जवानों की भी तैनाती की गई है.

कल चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर किया था प्रदर्शन

कल कांग्रेस नेताओं ने भोपाल में निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर धरना दिया था. विरोध कि दौरान नेताओं ने भजन-कीर्तन भी किया. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनके उम्मीदवार का नामांकन नियमों के विप‍रीत रद्द किया गया है. उनका कहना है कि सत्ता में बैठी पार्टी और चुनाव आयोग के अधिकारियों की मिलीभगत से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है. नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हो जाती, उनका विरोध जारी रहेगा.

नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने दावा किया है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ काेई भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, उनका केवल एक नोटिस के आधार पर नामांकन रद्द कर दिया. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय के फैसलों में स्‍पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार के मामूली तकनीकी या फिर गैर-गंभीर मामलों में उम्मीदवारों का नामांकन खारिज नहीं किया जाना चाहिए.

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