MP की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाई कोर्ट से बड़ी राहत! राज्य सरकार को आदेश, 48 महीने का एरियर्स दें
जबलपुर हाई कोर्ट(File Photo)
MP News: मध्य प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि कार्यकर्ताओं को 48 महीने का एरियर्स दिया जाए. इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने एरियर्स के साथ 6 फीसदी ब्याज देने की शर्त को हटा दिया है. साल 2018 में केंद्र सरकार ने कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की थी. केंद्र के मानदेय बढ़ाने के बाद राज्य सरकार ने अपना अंश घटा दिया था.
सिंगल बेंच के आदेश को निरस्त किया
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले की बुधवार (8 जुलाई 2026) को सुनवाई की. फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को साल 2019 से 2023 तक के बकाया एरियर्स को देने का आदेश दिया. इसके साथ ही अदालत ने सिंगल बेंच के एरियर्स पर 6 फीसदी ब्याज देने की शर्त को निरस्त कर दिया है. न्यायालय ने साफ किया है कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनका बकाया मानदेय दिया जाएगा लेकिन उस पर ब्याज नहीं मिलेगा.
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने साल 2018 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये बढ़ाने का फैसला किया था. इस निर्णय के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2019 में अपना अंशदान कम कर दिया था. इससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में कमी आ गई थी. जहां कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपये घटा दिया गया था. वहीं, सहायिकाओं के मानदेय को 7 हजार से घटाकर 5500 रुपये कर दिया गया था.
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96 हजार से ज्यादा कर्मियों को फायदा
एमपी हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश के 96 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को लाभ मिलने वाला है. अदालत ने राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर एरियर्स देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही ग्रेच्युटी एक्ट का लाभ देने के लिए निर्देश दिया गया है.