CG News: विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भीतर रैनी की रस्म शुरू होने से पहले एक दर्दनाक हादसा हो गया. आठ चक्कों वाले विजय रथ के पहिए के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.
प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है. वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुरूप, इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में नया सफारी सत्र निर्धारित समय से 12 दिन पूर्व ही शुरू कर दिया गया है.
Bastar Dussehra: परंपरा के अनुसार, शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि को बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव अपने परिजनों के साथ मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे थे. यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता को जगदलपुर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया
Jagdalpur Bastar Dussehra: हादसे में सीएसईबी विभाग की लापरवाही भी सामने आई है. रथ परिक्रमा के दौरान इलाके में सीएसईबी विभाग ने ब्लैकआउट नहीं किया था, जिसके चलते बिजली के तार में करंट दौड़ रहा था. यदि पोल गिरने के बाद तार किसी व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो जानलेवा हादसा हो सकता था.
CG News: बस्तर दशहरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम जारी हो गया है. इस दौरान वे रायपुर और जगदलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी.
CG News: बस्तर के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से जारी धर्म परिवर्तन और सदियों पुरानी रूढ़िगत आदिवासी परंपराओं के बीच बढ़ते टकराव के बाद अब ग्राम सभाओं ने सीधे मोर्चा संभाल लिया है.
रायपुर. बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार बानू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है.
Sukma News: सुकमा में लाल कपड़े और दीक्षा माला पहनने पर बवाल हो गया है. कोंटा स्थित मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में नवरात्र के दौरान माला और लाल कपड़े पहनकर आने पर टीचर लक्ष्मी प्रसना को प्रवेश करने से रोक दिया गया. इससे आहत होकर महिला शिक्षिका ने इस्तीफा दे दिया.
CG News: विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं में शामिल जोगी बिठाई की रस्म आज जगदलपुर के सिरहासार भवन में विधि-विधान के साथ संपन्न हुई.
बीजापुर. रायपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. पश्चिम बस्तर डिवीजन और पड़ोसी राज्य ओडिशा में लंबे समय से सक्रिय रहे 6 कुख्यात माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है.