UPI पेमेंट से कैसे खुला चंद्रनाथ रथ हत्याकांड का राज! यूपी-बिहार से हो रहीं गिरफ्तारियां, जांच में अब तक क्या हुआ?
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड
Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच तेज हो चली है. CID ने अपना दायरा बढ़ाते हुए कई राज्यों में छापेमारी की है. जांच एजेंसियों को इस केस में सबसे बड़ा सुराग एक टोल प्लाजा पर हुई UPI पेमेंट से मिला, जिसने आरोपियों की मूवमेंट और भागने के रास्ते का खुलासा कर दिया है. पूरे मामले की जांच CID के हाथों में है.
चंद्रनाथ रथ की हत्या से पहले संदिग्धों की कार ने हावड़ा के बाली टोल प्लाजा को पार किया था. उस टोल पर कार टोल यूपीआई के जरिए पे किया गया था. पुलिस ने CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगालकर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है. इस सबूत के बाद जांच का फोकस उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ हो गया है.
चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बिहार और यूपी से 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. तीनों को बंगाल ले जाया गया है. जहां उनसे पूछताछ की जाएगी.
6 मई की रात को हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.वह अपनी SUV से घर लौट रहे थे, तभी एक सिल्वर रंग की कार ने उनकी गाड़ी को रोक लिया.इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग की.हमले में रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया.
जांच में क्या-क्या आया सामने?
जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों को पहले से पता था कि चंद्रनाथ रथ गाड़ी में किस सीट पर बैठे हैं. SIT को शक है कि पूरी वारदात बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई और इसमें 7 से 8 लोग शामिल थे. पुलिस को आशंका है कि शूटर बाहर से बुलाए गए थे और उन्हें स्थानीय अपराधियों की मदद मिली थी.
कहां से कितने लोगों को किया गया गिरफ्तार?
अब तक यूपी से तीन और बिहार से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. पश्चिम बंगाल CID और SIT की टीमें यूपी के बदायूं और संभल समेत कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश राज्य के बाहर बैठकर रची गई थी.
जांच एजेंसियों ने हत्या में इस्तेमाल की गई सिल्वर कार और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं. शुरुआती जांच में कई वाहनों की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है. पुलिस अब डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के जरिए पूरे नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश कर रही है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस हत्याकांड के तार किन किन राज्यों तक फैलते हैं और कितने और लोगों की गिरफ्तारी की जाती है.
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