‘जिसने किया, उसने पाया…हम लोग बेईमान हैं’, प्रेमानंद महाराज ने आखिर क्यों ऐसा कहा?
प्रेमानंद महाराज
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के शब्दों पर अमल करने वालों की संख्या देश और विदेश में करोड़ों की संख्या में हैं. लोग उन्हें बड़ी श्रद्धा और प्रेम भाव से सुनते हैं. वे हमेशा हर भक्त से एक ही बात कहते हैं, प्रभु का नामजप करने से उद्धार होगा. उनके दरबार में एक भक्त ने उनसे पूछा कि आप तो बाबा जी हैं, आप नामजप कर सकते हैं. ये हमारे लिए संभव नहीं है. इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने शानदार बात कही.
हम लोग बेईमान हैं- प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज के दरबार में आए एक शख्स का सवाल सेवादार ने पूछा, ‘आप तो बाबा जी हैं, भजन के लिए आपके पास समय है लेकिन हमारा परिवार है. कई सारे दायित्व हैं तो हम किस तरह नामजप कर सकते हैं? इस प्रश्न को सुनकर महाराज ने कहा कि राधा-राधा कहने या जपने में क्या परेशानी हो सकती है? उन्होंने आगे कहा कि हम लोग बेईमान हैं, जब भजन करने की बात आती है तो कहते हैं कि हमारे पास समय नहीं है. खाली समय में केवल मोबाइल चलाते रहते हैं, ये हमारी बेईमानी है.’
उन्होंने आगे कहा कि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा व्यस्त होगा तो ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे काम करेगा. ज्यादातर लोग तो 8 घंटे ही काम करते हैं. इस तरह 12 घंटे काम करते हैं, 6 घंटे सोना, 2 घंटे खाते हैं और 1 घंटा मनोरंजन के लिए निकाल भी दें तो 24 घंटे के दिन में से 3 घंटे बचते हैं. बचे 3 घंटों में भजन करके दिखाओ, इन तीन घंटों में भजन कर लेते हैं तो त्रिलोक के स्वामी को प्रसन्न कर लेंगे.
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‘जिसने किया, उसने पाया’
प्रश्न के उत्तर में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जिसने किया है, उसने ही पाया है. बेईमानों को कभी भी उन्नति नहीं मिल सकती है. जब लोग कहते हैं कि वे गृहस्थ हैं और नामजप नहीं कर सकते हैं तो बेईमान हैं. सवाल के साथ सेवादार ने भक्त की बात को जोड़ा कि महाराज जी आप कुछ भी करवा लो. नामजप करना बहुत कठिन हैं. इस पर उन्होंने कहा कि दवा के बिना रोग कैसे ठीक होगा? ईश्वर की नाम शक्ति ही इंसान की इच्छाओं को पूरी कर सकती है.