हैरतअंगेज! तेंदुए से भिड़े 85 साल के बुजुर्ग, कान पकड़कर लाठी से पीट दिया, 5 मिनट में दुम दबाकर जंगल की ओर भागा
तेंदुए से भिड़ने वाले 85 साल के बुजुर्ग.
Input- सौरभ
MP News: कहते हैं कि ‘हिम्मत-ए-मर्दा तो मदद-ए-खुदा’. इस कहावत को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के 85 साल के एक जांबाज बुजुर्ग ने सच कर दिखाया है. यहां बुजुर्ग अर्जुन सिंह का सामना रास्ते में एक खूंखार तेंदुए से हो गया. लेकिन डरने, घबराने के बजाय बुजुर्ग तेंदुए से भिड़ गए. तेंदुए ने बुजुर्ग की गर्दन पर हमला किया, लेकिन अर्जुन सिंह ने खुद का बचाव करने के साथ ही तेंदुए पर पलटवार कर दिया. बुजुर्ग ने अपनी लाठी से तेंदुए का सामना किया और लगभग 5 मिनट पर तेंदुआ खुद भाग गया. हालांकि इस संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
कान पकड़कर तेंदुए को लाठी से पीटा
पूरा मामला पवई वन परिक्षेत्र के नारदपुर का है. यहां रहने वाले अर्जुन सिंह(85) ने जांबाजी का परिचय दिया. बुजुर्ग अपनी भैंस को ढूंढने के लिए निकले थे. लेकिन तभी रास्ते में उनका सामना एक खूंखार तेंदुए से हो गया. तेंदुए ने तुरंत ही बुजुर्ग पर हमला कर दिया. लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी अर्जुन सिंह के हौसले फौलादी निकले. जब मौत सामने खड़ी थी, तब उन्होंने घुटने टेकने के बजाय तेंदुए का कान कसकर पकड़ लिया. बुजुर्ग ने तेंदुए का कान इतनी जोर से पकड़ा कि तेंदुआ दर्द के कारण हमला नहीं कर पाया. इस दौरान बुजुर्ग ने हाथ में मौजूद डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी. करीब 5 मिनट तक चले इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खूनी संघर्ष के बाद हार मानकर तेंदुए को दुम दबाकर भागना पड़ा.
बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती करवाया गया
तेंदुए से ‘दो-दो’ हाथ करने के बाद अर्जुन खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए. जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया है. वन विभाग ने हर संभव आर्थिक सहायता का भरोसा दिया है. वहीं अर्जुन सिहं की के इस अदम्य साहस को आज पूरा इलाका सलाम कर रहा है.