MP News: राजगढ़ में 40% से कम रिजल्‍ट वाले स्‍कूलों के शिक्षकों का हुआ टेस्‍ट, CEO बोले- दक्षता में कमी पाई गई तो होगी सख्‍त कार्रवाई

MP News: राजगढ़ जिले से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है, जहां खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को खुद परीक्षा में बैठाया गया.
School teachers' test in Rajgarh

राजगढ़ में स्‍कूल शिक्षकों का टेस्‍ट

MP News: मध्‍य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर जारी विरोध के बीच राजगढ़ जिले से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है, जहां खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को खुद परीक्षा में बैठाया गया. जिन स्कूलों का रिजल्ट 40 प्रतिशत से कम रहा, वहां के संबंधित शिक्षकों की पहले गहन समीक्षा की गई और फिर उन्हें विद्यार्थियों की तरह प्रश्नपत्र हल करने के लिए कहा गया.

प्रशासन का सख्त कदम और समीक्षा बैठक

यह पहल उस समय शुरू हुई जब हाल ही में कुछ सरकारी स्कूलों के बेहद कमजोर परिणाम उजागर हुए. इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह कदम उठाया. कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिला पंचायत के सीईओ इच्छित गढ़पाले ने डाइट परिसर में बैठक बुलाई, जिसमें कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों के शिक्षक और प्राचार्य शामिल हुए.

विषयवार समीक्षा के बाद ली गई परीक्षा

बैठक के दौरान विषयवार परिणामों की समीक्षा की गई, जिसमें कई स्कूलों की स्थिति चिंताजनक पाई गई. इसके बाद तय योजना के तहत शिक्षकों को उनके ही विषय का प्रश्नपत्र देकर परीक्षा दिलाई गई. प्रश्नपत्र में 20 से 22 सवाल शामिल थे और कुल अंक 100 निर्धारित किए गए थे. नकल रोकने के लिए तीन अलग-अलग सेट बनाए गए थे.

परीक्षा के दौरान सीईओ द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शिक्षक विषय के जानकार हैं, इसलिए उन्हें समय से पहले उत्तर देने चाहिए. साथ ही चेतावनी भी दी गई कि दक्षता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.

भावुक हुईं महिला शिक्षक

इस प्रक्रिया के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब एक महिला शिक्षक भावुक होकर रो पड़ीं. उन्होंने कहा कि वे पिछले 16 वर्षों से अच्छे परिणाम देती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदर्शन खराब रहा, जिसके कारण उन्हें यह स्थिति झेलनी पड़ रही है. बावजूद इसके, परीक्षा की प्रक्रिया जारी रही और सभी शिक्षकों को इसमें शामिल होना पड़ा.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

इससे पहले प्रशासन 30 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले अतिथि शिक्षकों को हटाने का निर्णय ले चुका है और कई की सेवाएं समाप्त भी की जा चुकी हैं. अब नियमित शिक्षकों और प्राचार्यों की परीक्षा लेकर यह संकेत दिया गया है कि इस बार परिणाम सुधार को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.

रिजल्ट सुधारने की सख्त चेतावनी

सीईओ इच्छित गढ़पाले ने स्पष्ट कहा कि कमजोर परिणाम के लिए जिम्मेदार संबंधित शिक्षक ही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली परीक्षा में छात्रों के परिणाम में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने पर राहत दी जाएगी.

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