MP में दिवाली से पहले हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी, भोपाल में डोर-टू-डोर कलेक्शन नहीं, बाजारों में पसरी गंदगी
भोपाल: बिट्टन मार्केट और न्यू मार्केट में पसरी गंदगी
Diwali Waste Collection Disruption: मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले करीब 1 लाख सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. इससे सफाई व्यवस्था पर विराम लग गया है. चौक-चौराहों, मोहल्लों की गलियों और मुख्य बाजारों में गंदगी देखने को मिल रही है. कचरे का कलेक्शन नहीं होने से गंदगी का ढेर लगता जा रहा है. राजधानी भोपाल में इसका असर देखने को मिल रहा है.
राजधानी में आज भी डोर-टू-डोर कलेक्शन नहीं
भोपाल में लगातार दूसरे दिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है. बुधवार (4 नवंबर 2026) को हड़ताल की वजह न्यू मार्केट में चारों ओर गंदगी पसरी मिली. व्यापारियों ने वॉलिंटियर्स की मदद से सफाई कराई. जानकारी के मुताबिक शहर के 10 हजार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं. नगर निगम की 400 से ज्यादा गाड़ियां शहर भर से कचरे का कलेक्शन करती हैं.
हर गाड़ी दिन भर में दो से तीन ट्रिप में कचरे को कलेक्ट करती है. इस कचरे को शहर के 17 गार्बेज स्टेशन तक पहुंचाया जाता है. यहां से आदमपुर छावनी स्थित डंपिंग यार्ड भेजा जाता है. शहर से रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है. जो दिवाली में साफ-सफाई के दौरान बढ़ जाता है.
मीटिंग के बाद सकारात्मक परिणाम नहीं
ऑल इंडिया सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के अधिकारियों ने बुधवार को नगरीय प्रशासन विभाग के ACS संजय दुबे से मुलाकात की लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकले. इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की बात कही गई. यूनियन के अध्यक्ष मगन झांझोट का कहना है सभी पदाधिकारियों ने मिलकर हड़ताल का निर्णय लिया है. यूनियन ने दावा किया है कि 16 नगर निगम और इसके अलावा 374 नगर परिषदों के एक लाख से ज्यादा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं.
किन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा?
- नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए.
- पति या पत्नी की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान होना चाहिए.
- न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये किया जाए.
- ठेका व्यवस्था खत्म कर दी जानी चाहिए. सफाई कर्मचारियों स्थायी किया जाए.



