90 डिग्री वाले पुल विवाद में चीफ इंजीनियर समेत 7 लोग बहाल; भोपाल में टॉयलेट पर बाउंड्री वॉल को लेकर निगम का रेलवे को नोटिस

भोपाल में 90 डिग्री वाले पुल के पास ऐशबाग इलाके का है. यहां पर नगर निगम ने एक टॉयलेट का निर्माण करवाया था. लेकिन कुछ दिन बाद ही रेलवे ने बाउंड्री वॉल करवाकर उसे अपनी जद में ले लिया. रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि ये जमीन उनकी है. इसलिए उन्होंने दीवार खड़ी की है.
Railways and Municipal Corporation came face to face over the toilet built near the 90 degree bridge in Bhopal.

भोपाल में 90 डिग्री वाले पुल के पास बने टॉयलेट को लेकर रेलवे और निगर निगम आमने-सामने आए.

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना 90 डिग्री वाला पुल देशभर में सुर्खियों में रहा था. काम में लापरवाही करने वाले तत्कालीन 2 चीफ इंजीनियर समेत 7 लोगों को बहाल कर लिया गया है.

वहीं पुल के पास बने टॉयलेट को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है. कुछ दिन पहले टॉयलेट के सामने रेलवे ने बाउंड्री करवा दी थी. रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि ये रेलवे की जमीन है. लेकिन अब निगम ने पश्चिम मध्य रेलवे के सीनियर डिवीजन इंजीनियर को पत्र लिखकर दीवार हटाने के लिए कहा है. पत्र में कहा है कि अगर दीवार नहीं हटाई तो फिर कार्रवाई की जाएगी.

‘राजस्व रिकॉर्ड में जमीन हमारी’

नगर निगम के कार्यपालन यंत्री आरआर जारोलिया ने पश्चिम मध्य रेलवे के सीनियर डिविजनल इंजीनियर को पत्र लिखा है. नगर निगम ने बताया है कि राजस्व रिकॉर्ड में पाया गया है कि जिस जगह पर निर्माण करवाया गया है, वहां भूमि खसरा नंबर 1081(5)और 1082 (5) में कुल 12163.21 वर्गफीट जमीन म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है. जबकि टॉयलेट इसी जमीन के 200 वर्ग फीट स्पेस पर बनाया गया है.

पत्र में कहा है कि आपने बिना अनुमति हमारी जमीन पर बाउंड्री वॉल करवा दी. आपने टॉयलेट को अपने कब्जे में ले लिया है. अगर आपने दीवार नहीं हटाई तो फिर निगम कार्रवाई करेगा.

बाउंड्री वॉल बनने के बाद भड़का था लोगों का गुस्सा

दरअसल पूरा मामला भोपाल में 90 डिग्री वाले पुल के पास ऐशबाग इलाके का है. यहां पर नगर निगम ने एक टॉयलेट का निर्माण करवाया था. लेकिन कुछ दिन बाद ही रेलवे ने बाउंड्री वॉल करवाकर उसे अपनी जद में ले लिया. रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि ये जमीन उनकी है. इसलिए उन्होंने दीवार खड़ी की है.

टॉयलेट में जाने के लिए कोई भी रास्ता नहीं है. टॉयलेट के सामने बनी बाउंड्री वॉल का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके बाद लोगों ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा था कि क्या टॉयलेट में जाने के लिए फ्लाईओवर बनवाना पड़ेगा या फिर अंडरपास. एक शख्स ने वीडियो बनाकर भी मामले में प्रशासन की आलोचना की थी. लोगों का कहना है कि जनता का पैसों का दुरुपयोग हो रहा है. अगर रेलवे का दावा सही है तो जानकारी होने के बाद भी निगम ने रेलवे की जमीन पर टॉयलेट का निर्माण क्यों करवाया. वहीं अब रेलवे ने निगम की जमीन पर टॉयलेट बनाने की बात कहकर रेलवे से दीवार हटाने को कहा है.

चीफ इंजीनियर समेत 7 लोग बहाल

भोपाल में 90 डिग्री वाला पुल देशभर में सुर्खियों में रहा था. काम में लापरवाही करने पर तत्कालीन 2 चीफ इंजीनियर समेत 7 लोगों को सस्पेंड किया गया थ. लेकिन अब सरकार ने सभी 7 लोगों को बहाल कर दिया है. पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह को बहाली का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंत्री ने मंजूर कर दिया है. सभी लोगों को 23 जून 2025 को सस्पेंड किया था.

जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया था, इनमें इनमें प्रभारी कार्यपालन यंत्री शबाना राजाक, सहायक कंत्री शानुल सक्सेना, प्रभारी मुख्य अभियंता संजय खांडे, उपयंत्री उमाशंकर मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी, प्रभारी रवि शुक्ला, मुख्य अभियंता प्रभारी जीपी वर्मा, तत्कालीन प्रभारी कार्यलाक यंत्री जावेद शकील(रि.), प्रभारी अधीक्षण यंत्री एमपी सिंह(रि.) शामिल हैं.

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