मौत के बाद नसीब हुआ स्ट्रेचर…पत्नी इलाज के लगाती रही गुहार, ग्वालियर अस्पताल में बुजुर्ग की मौत
ग्वालियर अस्पताल में बुजुर्ग की मौत
MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं मिलने से एक 60 साल के बुर्जुग की मौत हो गई है. परिजनों का आरोप है कि बुधवार को सुबह करीब 10 बजे अस्तपाल लेकर पहुंचे थे. इलाज के लिए पर्जा भी बना, टेस्ट भी हुए लेकिन लगभग 2 बजे तक पीड़ित को भर्ती नहीं किया गया. जिसके चलते उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अस्पताल के फर्श पर उनकी मौत हो गई.
पूरा मामला ग्वालियर-चंबल संभाग के 1000 बेड वाले सबसे बड़े अस्पताल का है, जहां इलाज नहीं मिलने का बड़ा कारण डॉक्टरों की हड़ताल को बताया जा रहा है. हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है.
डेढ़ महीने से था तेज बुखार
जानकारी के मुताबिक दतिया जिले के ऊंचिया गांव के रहने वाले रतिराम को पिछले डेढ़ महीने से तेज बुखार था. स्थानीय डॉक्टरों ने खून की कमी बताई थी. पत्नी रामप्यारी ने रतिराम का इलाज दतिया के मेडिकल कॉलेज और झांसी के सरकारी अस्पतालों में कराया, लेकिन उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ.
शव को लेकर जाने तक के पैस नहीं
रामप्यारी ने परिचितों की सलाह के बाद बुधवार को रतिराम को बस के जरिए ग्वालियर लेकर आई. यहां 1000 बिस्तरों के अस्पताल में लगी लंबी लाइन में लगकर पर्चा बनवाया, डॉक्टरों ने शुरूआती करवाने को कहा वे भी करा लीं. रामप्यारी के अनुसार,जांच कराने के बाद किसी डॉक्टर ने रतिरामकी जांच नहीं की और वार्ड में भर्ती नहीं कराया गया. दोपहर में बुखार बढ़ा और रतिराम बेंच पर से नीचे फर्श पर गिर पड़े. रामप्यारी ने उन्हें देखा वो दर्द से तड़प रहे थे और वे डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी.
रतिराम की मौत के बाद उन्हें अस्पताल स्टाफ ने स्ट्रेचर पर लेटाया और आईसीयू तक लेकर गए, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस खबर को सुनकर रामप्यारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. रामप्यारी के पास पति का शव घर लेकर जाने तक के पैसे नहीं थे.
गार्ड ने कहा- डॉक्टर हड़ताल पर
अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों ने गार्ड्स से स्ट्रेचर मांग तो गार्ड ने डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में बताया. इसके बाद रतिराम फर्श पर करीब एक घंटे तक पड़े रहे और अस्पताल पहुंचने के करीब 4 घंटे बाद उन्हाेंने दम तोड़ दिया.
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात में अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप और डॉ. अनंत अय्याका एक मरीज के परिजनों से विवाद हो गया था, जिसके बाद मारपीट हाे गई थी. इसी का विरोध करने के लिए डॉक्टर हड़ताल कर रहे थे.
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