Gwalior: 1 महीने से बंद है हजार बिस्तर वाले अस्पताल की एक्सरे मशीन, इंजीनियर भी फेल, हर दिन 300 मरीज परेशान
एक्सरे विभाग के सामने लगी लंबी लाइन
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हजारों बिस्तर वाले अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग की प्रमुख मशीन एक महीने से बंद पड़ी है. कंपनी के दो इंजीनियर अस्पताल में तैनात किए गए हैं, लेकिन फिर भी अब तक मशीन में आई तकनीकी खराबी का पता नहीं लगा पाए हैं. मशीन बंद होने से रोजना एक्सरे कराने के लिए पहुंचने वाले करीब 300 से ज्यादा मरीजाें को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
विभाग की 2 मशीनों पर बढ़ रहा लोड
अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग के कक्ष क्रमांक-1 में रखी एक्सरे मशीन बंद हो गई, इन मशीनों के बंद होने से विभाग में रखी दो मशीनों पर पूरा लोड़ बढ़ गया है. अस्पताल में रोजाना औसतन 300 से ज्यादा मरीज एक्सरा करवाने के लिए आते हैं. मशीन के बंद होने से एक्सरे मशीन रूम के बाहर लंबी लाइन लग रही है.
मरीजों के प्रतीक्षा कक्ष में बैठने के अधिक इंतजाम नहीं होने से मरीजों को घंटों खड़े होकर अपनी अपनी बारी का इतंजार करना पड़ रहा है. मशीनों के खराब होने और लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार करने से बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार लोग और दिव्यांग मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
एक महीने से इंजीनियर भी ठीक नहीं कर पाए
अस्पताल में खराब पड़ी इन मशीनों को ठीक करने के लिए कंपनी के दो इंजीनियर तैनात हैं, लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी मशीन की तकनीकी खामी का पता नहीं चल पा रहा है. इन मशीनों के बंद होने के कारण मरीजों को बाकी दो मशीनों पर ही निर्भर होना पड़ रहा है.
अस्पताल प्रबंधन और डीन के निरीक्षण पर भी उठे सवाल
अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को लेकर डीन डॉ. आर.के.एस धाकड़ पर भी आरोप लग रहे है कि समय पर उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया गया. मशीनों के खराब होने और मरीजाें की बढ़ती परेशानी को देखने के बाद भी प्रबंधन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं करने के भी आरोप लग रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, डीन पूरे महीने में एक से दो बार अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचते हैं या फिर किसी ऑपरेशन के समय दिखाई देते हैं. आरोप है कि अस्पताल के अंदर कौनसा सामान नहीं है, या कौनसा संसाधन बंद पड़ा है इन सब की जानकारी लेने वाला कोई नहीं है.
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