MP में इंजीनियर और दो पटवारी खड़े-खड़े सस्पेंड, ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर अधिकारियों से बोले- घर जाइए

कलेक्टर के ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद 'फैसला ऑन दा स्पॉट' वाली कार्यप्रणाली के तहत कार्रवाई करने पर कलेक्टर की लोग तारीफ कर रहे हैं.
After the public hearing, the Collector immediately suspended the engineer and two Patwaris.

जनसुनवाई के बाद कलेक्टर ने इंजीनियर और 2 पटवारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया.

MP News: मध्य प्रदेश के देवास कलेक्टर शुक्रवार को फुल एक्शन में नजर आए. कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने लापरवाह अधिकारियों पर बड़ा एक्शन लिया है. पीपरी गांव में लापरवाही करने पर पीएचई की एक सब इंजीनियर और दो पटवारियों को निलंबित कर दिया है. ये कार्रवाई कलेक्टर ने जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की शिकायत के बाद की है.

खड़े-खड़े दिखाया घर का रास्ता

शुक्रवार को कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने पीपरी गांव में विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया था. इसमें जिले के तमाम अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा भी मौजूद थे. इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पानी और जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर पीएचई इंजीनयर वैष्णवी भावसार और पटवारी सूरज और पटवारी नवनीत पुरंदरे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया और कहा आप लोग अब घर जाइए.

8 महीनों में 1-2 बार ही आईं सब इंजीनियर

ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की थी कि गांव में पानी की समस्या है. शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते हैं. इसके बाद कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने पीएचई इंजीनयर वैष्णवी भावसार से पूरे मामले में पूछताछ की. लेकिन इंजीनियर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं. इसके बाद कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया.

वहीं गांव में हो रहे अवैध कब्जों को भी लेकर गांव के लोगों ने कलेक्टर से शिकायत की. जिसके बाद कलेक्टर ने पटवारी सूरज गंगवाल से जवाब तलब किए, लेकिन वह भी सही से जवाब नहीं दे पाए. कामों अनियमितता के कारण कलेक्टर ने कलेक्टर सूरज गंगवाल और कलेक्टर नवनीत पुरंदरे को भी सस्पेंड कर दिया. इसके अलावा इसके साथ ही इलाके में बिजली के टूटे पोल ठीक ना कराने पर जेई डीएस परिहार को शोकाज नोटिस दिया गया, वहीं लाइनमैन कृष्णकांत बघेल की 15 दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए हैं.

‘फैसला ऑन दा स्पॉट’ पर हुई तारीफ

कलेक्टर ने केवल गैर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई ही नहीं की बल्कि कई जरूरतमंदों की मदद भी की. बिजली की चपेट में आने और बारिश के कारण मकान ढहने से प्रभावित लोगों को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि देने का भी ऐलान किया. वहीं कलेक्टर के ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद ‘फैसला ऑन दा स्पॉट’ वाली कार्यप्रणाली के तहत कार्रवाई करने पर कलेक्टर की लोग तारीफ कर रहे हैं.

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