जबलपुर के गौरीघाट पर 11 दिनों तक एकांतवास करेंगी हर्षा रिछारिया, साध्वी ने बताई साधना की ये बड़ी वजह

Harsha Richhariya: साध्वी हर्षा रिछारिया ने जबलपुर के गौरीघाट पर 11 दिवसीय एकांतवास का आरंभ कर दिया है. मौन व्रत रहकर वे 15 जून तक एकांत साधना करेंगी. इसके पीछे हर्षानंद गिरि ने अहम वजह बताई है.
Jabalpur harsha richharia has begun an 11 day ekant sadhna practice at gwarighat

हर्षा रिछारिया ने जबलपुर के गौरीघाट पर 11 दिनों की एकांत साधना शुरू की

Harsha Richhariya: महाकुंभ फेम हर्षा रिछारिया अब जबलपुर में एकांत साधना करने जा रही हैं. उन्होंने अप्रैल महीने में सुमनानंद गिरि महाराज से दीक्षा संन्यास ग्रहण किया था और साध्वी हर्षानंद गिरि बन गई हैं. अब नर्मदा नदी किनारे स्थित गौरीघाट पर 15 जून तक एकांतवास करेंगी. इस दौरान वे मौन व्रत धारण करेंगी. इसकी शुरुआत उन्होंने नर्मदा पूजन के साथ की है. इस साधना के लिए साध्वी ने एक खास वजह बताई है.

साध्वी हर्षानंद ने क्या कहा?

हर्षा रिछारिया ने कहा कि मनुष्य जब आध्यात्मिक मार्ग पर होता है, तो बिना सोशल मीडिया, बिना मीडिया, बिना लोगों और बिना समाज के एकांतवास में रहकर साधना करना जरूरी होती है. ये शरीर को डिटॉक्स और मन को प्योर करता है. ईश्वर के साथ जुड़ाव पूरा होता है. जिन देशों में य़ुद्ध चल रहा है, उसका असर भारत पर पड़ रहा है. इस वजह से मध्यमवर्गीय परिवारों को भुगतना पड़ रहा है. मेरी साधना उन देशों के लिए है कि वहां युद्ध रुक जाए. हमारा भारत देश सामान्य स्थिति में आ जाए.

उन्होंने आगे कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है वो ना करना पड़े. इसके साथ ही हमारा देश हिंदू राष्ट्र घोषित हो. गाय माता को राष्ट्र पशु का दर्जा मिलना चाहिए.

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‘लोगों से बात करने पर स्ट्रेस बढ़ता है’

साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि लोगों से बात करने पर स्ट्रेस बढ़ता है. ईश्वर से बात करो. अकेले रहो, साधना करो और ईश्वर से जुड़ाव रखना चाहिए. आध्यात्म के रास्ते पर आगे चलो. शांत और मौन रहकर ईश्वर से बात करो. मन का स्ट्रेस और उथल-पुथल अपने आप खत्म हो जाती है. अंत में होता वहीं है जो ईश्वर चाहते हैं.

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