गौशाला में लटका ताला! मऊगंज में दाने-दाने को मोहताज हुए बेजुबान, SDM का आदेश भी नहीं माना, जानें क्या है मामला
मऊगंज: गौशाला के गेट पर ताला, भूख-प्यास से बेहाल गौवंश
MP News: मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत गनिगवा गौशाला इन दिनों भारी विवादों में घिर गई है. गौशाला में ताले लटके हुए हैं और अंदर बंद बेजुबान गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक आदेशों के बावजूद गौशाला पर अवैध कब्जा बरकरार है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं. इससे पूरे क्षेत्र में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
अनुबंध खत्म, फिर भी नहीं छोड़ा कब्जा
जानकारी के मुताबिक गौशाला संचालन कर रहे समूह का अनुबंध 2 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो चुका है. नियमों के अनुसार इसके बाद गौशाला का संचालन ग्राम पंचायत को सौंपा जाना था. SDM हनुमना ने इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी किया, लेकिन आदेश के महीनों बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया. आरोप है कि समूह संचालक अब भी गौशाला पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं और प्रशासन कार्रवाई करने में असफल साबित हो रहा है.
भूसा लेकर पहुंचे सरपंच को रोका गया
विवाद उस समय और बढ़ गया जब ग्राम पंचायत के सरपंच ट्रैक्टर में भूसा भरकर गौशाला पहुंचे. बताया जा रहा है कि उन्हें अंदर प्रवेश तक नहीं करने दिया गया. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि कब्जाधारी किसी भी हालत में नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुछ रसूखदार नेताओं के संरक्षण के चलते संचालकों के हौसले बुलंद हैं.
पुलिस पहुंची, लेकिन ताले नहीं खुले
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन खाकी की मौजूदगी में भी गौशाला के ताले नहीं खुल सके. अंदर बंद गोवंशों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक अमला केवल औपचारिकता निभाता नजर आ रहा है. इससे लोगों में भारी नाराजगी है.
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प्रशासन की साख पर बड़ा सवाल
गनिगवा गौशाला विवाद अब सिर्फ कब्जे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक इकबाल और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन चुका है. यदि SDM का आदेश भी जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? अब देखना होगा कि मऊगंज प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करता है या फिर दबंगई के आगे सिस्टम यूं ही बेबस नजर आता रहेगा.