मंत्री के भाई के सामने नतमस्‍तक पुलिस! 25 केसों में अब तक नहीं मिली सजा, इस बार बनाया गजब बहाना

MP News: मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान पर जनपद पंचायत के भीतर जाकर महिला मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को धमकाने का आरोप लगा है.
Inder Singh Chauhan and Minister Nagar Singh Chauhan

इंदर सिंह चौहान और मंत्री नागर स‍िंह चौहान

MP News: मध्‍य प्रदेश में मंत्री और विधायकों के परिवार के सदस्‍य लगातार किसी बड़े विवाद के साथ सुर्खियां बटोर रहे हैं. शिवपुरी जिले के पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी के बेटे के कार से लोगों को कुचलने वाले विवाद के बाद अब मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई का मामला तूल पकड़ रहा है.

मंत्री के भाई पर लगे जनपद CEO को धमकाने के आरोप

दरअसल, बीते दिन अलीराजपुर जिले में जनपद पंचायत कार्यालय से हंगामे का मामला सामने आया था. राज्य सरकार में मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान पर जनपद पंचायत के भीतर जाकर महिला मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को धमकाने, रास्‍ता रोकने और उनको मारने का आरोप लगा है. इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है.

जानिए क्या है पूरा मामला?

मामला मुख्‍यमंत्री कन्‍या विवाह योजना में कुछ आवेदनों को निरस्‍त करने के बाद शुरू हुआ. आरोप है कि जनपद पंचायत अध्‍यक्ष के पति इंदर सिंह चाैहान ने इस पर नाराजगी जताते हुए कार्यालय पहुंचकर वहां मौजूद जनपद (CEO) प्रिया ठाकुर से बहस की.

इस पर महिला अधिकारी का कहना है कि इंदर सिंह ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर धमकियां दी हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया कि इंदर सिंह ने उन्‍हें डराने की कोश‍िश की और मारने के लिए आगे भी बढ़ा. अधिकारी ने इस घटना के बाद खुद को कार्यालय में असुरक्षित बताया. सीईओ ने कहा कि मंत्री के भाई ने उन्‍हें धमकी दी कि दांत तोड़कर जिंदा जमीन में गढ़वा दूंगा.

गिरफ्तारी के तुरंत बाद मिली जमानत

मामले में पुलिस ने इंदर सिंह चाैहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 के तहत गैर-जमानती केस दर्ज किया था. इसके बाद भी 23 अप्रैल को कोर्ट में पेशी के दौरान उसने हाई बीपी और बीमारी का हवाला दिया. जिसके बाद कोर्ट से उसे जमानत मिल गई.

इस पूरे मामले में मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि उनके भाई के किसी भी निजी मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे लंबे समय से उससे अलग है.

पहले से दर्ज है कई आपराधिक मामले

मंत्री के भाई इंदर सिंह चौहान पर कई आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए हैं. पुलिस जांच के दौरान इंदर सिंह चौहान पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती, आगजनी समेत कई सरकारी कामों में बाधा डालने जैसे 25 मामले दर्ज है. इन सभी मामलों के सामने आने के बाद भी रिकॉर्ड के अनुसार किसी भी मामले में सजा दर्ज नहीं है.

जारी रिकॉर्ड के अनुसार, 17 मामलों में इंदरसिंह कोर्ट से बरी है. इन मामलों में हत्या की धारा 302, हत्या के प्रयास की धार 307 और लूट की गंभीर धाराएं दर्ज हैं, जबकि 4 मामलों में राजीनामा या खात्मा हुआ है. इसमें मारपीट और अपहरण से जुड़े केस भी शामिल है. वहीं इसमें फिलहाल दो पुराने मामलों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. इसके साथ ही 2 मामलों में अभी जांच जारी है. इंदर सिंह पर साल 2025 में सरकारी काम में बाधा डालने का मामला है तो वहीं दूसरा मामला 2026 महिला सीईओ प्रिया काग को धमकी देने का सामने आया है. ताजा मामले में इंदर सिंह को राहत मिल गई है.

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