IPL 2026 के बीच छलका KL Rahul का दर्द, बोले- मुझे कभी टी20 बल्लेबाज नहीं माना गया…
केएल राहुल
KL Rahul: पीएल 2026 के बीच टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल का एक बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपने टी20 करियर को लेकर खुलकर बात की है. दिल्ली कैपिटल्स के इस स्टार सलामी बल्लेबाज ने स्वीकार किया है कि उन्हें कभी भी टी20 बल्लेबाज के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन अब उन्होंने अपने खेल से व्हाइट-बॉल गेम को लेकर बनी धारणा को बदल दिया है.
IPL 2026 के बीच छलका KL Rahul का दर्द
आईपीएल 2026 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने जियोस्टार के शो ‘Superstars’ में बात करते हुए अपने टी20 करियर के सफर पर खुलकर बात की और बताया कि कैसे केवल रेड-बॉल बल्लेबाज की छवि से बाहर निकलना उनके लिए कितना मुश्किल था. इस दौरान राहुल ने कहा कि, दस साल पहले, मैं टी20 टीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी कर देता. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मुझे कभी टी20 खिलाड़ी के तौर रेट नहीं किया गया और न ही एक अच्छे व्हाइट-बॉल खिलाड़ी के रूप में देखा गया. मुझे एक टेस्ट खिलाड़ी के रूप में देखा जाता था.
🚨 "I WAS NEVER RATED AS A T20 PLAYER" – EMOTIONAL STATEMENT BY KL RAHUL 🚨
— Cricket Central (@CricketCentrl) May 5, 2026
KL Rahul said 🗣️,
"Ten years ago, I would have given anything to be part of a T20 team. I was never rated as a T20 player or even considered a good white-ball player; I was branded a Test player,”… pic.twitter.com/DKUIM2Lh2c
केएल राहुल ने क्या कहा?
राहुल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सिर्फ एक रेड-बॉल बल्लेबाज की छवि से बाहर निकालना और अपने व्हाइट-बॉल गेम को बेहतर करना और इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए बहुत दर्व की बात है. इस दौरान मैंने कई गलतियां भी की, मैं कई चीजें और बेहतर कर सकता था. करियर में उतार-चढ़ाव आने के बावजूद उन्होंने हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश की. साथ ही उन्होंने कहा कि अब मैंने मुश्किल समय में संतुलन बनाए रखना सीख लिया है.
पिता बनने से आए बदलाव
शो में बात करते हुए 34 वर्षीय केएल राहुल ने बताया कि पिता बनने के बाद उनके खेलने के तरीके में बदलाव आया है और उन्होंने ज्यादा सोचना बंद कर दिया है. वह अब खेल के बारे में ज्यादा नहीं सोचते. आगे उन्होंने कहा कि मैं जब चार-पांच घंटे मैदान पर होता हूं, तो पूरी तरह अपने खेल पर फोकस राहत हूं और खेल का मजा लेता हूं और अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं.