CG News: इस मामले को लेकर NSUI ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के बाहर प्रदर्शन किया गया. इसके साथ ही 12वीं बोर्ड के हिंदी का पेपर दोबारा कराने की मांग की. छात्र संघ का कहना है उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.
CG News: पोर्टा केबिन में तीन छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया है. जिसे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भ्रामक बताया है. उन्होंने कहा कि जिन तीन छात्राओं का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से दो छात्राएं पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की निवासी नहीं हैं.
CG News: बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव वेंकट ने बताया कि जिले के कुसमी और कोरंधा पुलिस थाना क्षेत्र में की जा रही अफीम की अवैध खेती मामले में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. छत्तीसगढ़ पुलिस बिहार और झारखंड में लगातार दबिश दे रही है.
CG News: कांकेर पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया है. आम लोग घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे. इसके साथ ही शिकायत के निराकरण के बाद अपना फीडबैक भी इसी नंबर पर दे पाएंगे.
Durg: दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में मिले करीब 8 करोड़ रुपए कीमत के अवैध अफीम पौधों के मामले में दुर्ग पुलिस की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है.
CG News: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा का हिंदी प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है. इस मामले पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान सामने आया है.
Raipur: बीती रात राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन स्थित कैफे लाइट में जन्मदिन मनाने पहुंचीं युवतियों के साथ तीन बदमाशों ने अश्लील हरकतें की. विरोध करने पर आरोपितों ने युवतियों के भाइयों पर कुर्सियों से हमला कर दिया.
CG News: कबीरधाम जिले में चर्चित सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि समलैंगिक संबंध बनाने की जिद और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत नाबालिग ने ही डांस शिक्षक सत्यमदास मानिकपुरी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी.
CG Budget Session Highlights: आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 11वां दिन है. जहां सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ. प्रश्नकाल के दौरान खाद्यमंत्री दयालदास बघेल विपक्ष के तीखे सवालों के घेरे में नजर आए.
Bilaspur: हाई कोर्ट ने दत्तक पुत्र होने के दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कहा है कि केवल पंजीकृत दत्तक पत्र (एडॉप्शन डीड) होने से गोद लेने की प्रक्रिया स्वतः सिद्ध नहीं हो जाती.