CG News: सूरजपुर जिले में निर्माणाधीन मकान की पहरेदारी कर रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस
रायपुर. वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और विजनरी सोच के तहत छत्तीसगढ़ के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को एक बार फिर बड़ा आर्थिक संबल मिला है.
रायपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और चयनित अभ्यर्थियों के कार्यभार संभालने के बाद इस्तीफे से खाली होने वाले पदों को पुरानी चयन सूची या प्रतीक्षा सूची से नहीं भरा जा सकता.
CG News: गणेश विसर्जन के दौरान नक्सली हिड़मा के नाम पर बने गाने पर नाचने का मामला गरमा गया है. BJYM ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस नेता देवेश वैष्णव के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है.
CG Breaking News: रायपुर. छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है.
इन हाथी को ट्रेंकुलाइज (बेहोश या शांत) करना एक अत्यधिक जटिल, जोखिम भरा और केवल विशेषज्ञों द्वारा किया जाने वाला काम है. वन्यजीव कानूनों के तहत बिना सरकारी अनुमति और प्रमाणित पशु चिकित्सक के बिना ऐसा करना पूरी तरह से गैरकानूनी और जानलेवा है.
लगातार हुई तेज बारिश ने राजधानी की सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है. जीई रोड और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक कई जगह डामर उखड़ गया है और सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं. चंदनीडीह स्थित कुम्हारी पुराने पुल पर तो डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं. बारिश का पानी भर जाने से इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता.
Chhattisgarh DEO Salary Stop Notice: स्कूलों को कहा गया है कि समय पर जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिसके तहत अक्टूबर की सैलरी रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है.
CG News: पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी अरमान मेमन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. वहीं पूरे मामले में जांच अभी भी जारी है. मामला कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है
Rajnandgaon: मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि विद्यार्थियों को परीक्षा से हटाकर कार्यक्रम में भेजे जाने की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी नहीं थी. यदि परीक्षा स्थगित करने या विद्यार्थियों को किसी अन्य आयोजन में भेजने का निर्णय लिया गया था तो इसकी जानकारी विभागीय स्तर पर क्यों नहीं दी गई, यह सवाल उठ रहा है