1960 के दशक में चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद से दलाई लामा भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं. वह लगातार तिब्बती समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
Operation Sindoor: भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद चीन ने अपने दूतावासों के माध्यम से राफेल फाइटर जेट की विश्वसनीयता को कमजोर करने के लिए एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाया था.
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इनमें पांच साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली शामिल है. व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को सामान्य करने की दिशा में भी लगातार प्रयास हो रहे हैं.
जब कोई डरता है, तो अजीब हरकतें करता है. चीन भी कुछ ऐसा ही कर रहा है. उसकी नज़र हमारे कृषि, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर पर है. इसके कुछ ठोस सबूत भी मिले हैं. दरअसल, चीन ने हाल ही में यूरिया के एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटा दी है, लेकिन पता है किसके लिए? सिर्फ बाकी देशों के लिए, भारत के लिए नहीं.
जब अपने देश में गधे कम पड़ गए, तो चीन ने दूसरे देशों का रुख किया. अब वह अफ्रीका और एशिया के कई देशों से गधे आयात कर रहा है, जिससे उन देशों में भी गधों पर संकट गहराता जा रहा है. अब चीन की वजह से दुनिया के कई हिस्सों में गधों का अस्तित्व खतरे में आ गया है.
चीन और ईरान का रिश्ता कोई नया नहीं है. दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सैन्य सहयोग का लंबा इतिहास रहा है. चीन पहले ही साफ कर चुका है कि वो इस जंग में ईरान के साथ खड़ा है.
चीन, रूस और अमेरिका के अलावा, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, इजराइल, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया भी परमाणु हथियारों की लिस्ट में हैं. खास तौर पर उत्तर कोरिया की हरकतों ने अमेरिका और यूरोप के देशों को परेशान कर रखा है. किम जोंग-उन का देश भी तेजी से परमाणु हथियार बना रहा है, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ रहा है.
Brahmaputra River: हिमंता बिस्वा सरमा ने पाकिस्तान द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को लेकर फैलाए जा रहे डर को 'निराधार' करार देते हुए करारा जवाब दिया है.
REDNote App: REDNote ऐप का उपयोग कथित तौर पर भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने और गलत सूचनाएं फैलाने के लिए किया जा रहा है.
चीन को लगता है कि वह अरुणाचल प्रदेश को अपना बता सकता है. उसने हाल ही में वहां की कुछ जगहों के लिए नए-नए नाम गढ़ दिए, जैसे कोई बच्चा अपने खिलौनों का नाम रखता है, लेकिन भारत ने इसे "बेकार की कवायद" बताकर चीन की हवा निकाल दी.