‘मुझे नचनिया-कुदनिया कहा जा रहा…’, संन्यास पर सवाल उठाने वालों पर भड़कीं हर्षानंद गिरी

Harsha Richhariya: हर्षा रिछारिया के संन्यास लेने पर संत समाज ने नाराजगी जताई थी. जिसका जवाब देते हुए हर्षा ने कहा कि मुझ पर सवाल उठाने वाले गर्भ से ही सन्यासी बने हैं क्या?
harsha Richariya

हर्षा रिछारिया

MP News: मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया का विरोध कई साधु-संतों ने किया था. हर्षा के संन्यास लेने पर सवाल उठाए थे. जिसके बाद हर्षा रिछारिया ने संतों से सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा मुझ पर सवाल उठाने वाले गर्भ से ही सन्यासी बने हैं क्या? जानें हर्षानंद गिरी ने क्या कहा?

हर्षा रिछारिया संन्यास लेने के बाद अब हर्षानंद गिरी बन चुकी हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग टीआरपी पाने के लिए मुझ पर सवाल उठा रहे हैं. जिस धर्म में महर्षि वाल्मीकि की कथा सुनाते हैं उसी धर्म में संन्यास पर सवाल उठाए जा रहे. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे नचनिया कुदनिया कहा जा रहा है.

देश ही नहीं विदेशों में भी जानते हैं लोग

संतों पर भड़की हर्षानंद गिरि ने कहा, कितने ऐसे संत हैं, जिनका क्रिमिनल रिकॉर्ड है. मेरा ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है. कुल मिलाकर आप लोगों को हर परिस्थिति में विरोध ही करना चाहिए होता है. हमसे पूछा जाता है कि आपको कुंभ से पहले कौन जानता था. हमें देश ही नहीं विदेशों में भी लोग जानते हैं. लेकिन बड़ा सवाल है कि आपको कौन जानता है. आपने हमें नाचते हुए कहां देखा कि बोल रहे हैं कि नचनिया-कुदनिया संन्यास ले रही है. आपकी वजह से ही युवा लव-जिहाद का शिकार बनते हैं. युवाओं को धर्म से जोड़िए. उन्हें धर्म के खिलाफ खड़ा मत कीजिए. होइहि सोइ जो राम रचि राखा.

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डेढ़ साल से पी रही अपमान का जहर

हर्षानंद गिरि ने आगे कहा, चाहे भगवान राम हों, सीता हों या भगवान कृष्ण हों. जब-जब इंसान अपने कर्म की ओर बढ़ा है. सबको अपमान का घूंट पीना पड़ा है. नारी के लिए इतिहास रचा गया है विष का, अपमान का और अग्नि परीक्षा. अब मेरे लिए ही सवाल उठ रहा है कि उनकी जांच हो. आखिर किस चीज की जांच हो. पिछले डेढ़ सालों से यही अपमान का जहर पिलाया गया.

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