डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय का कहना है कि पूरे मामले में जांच की जा रही है. जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पीड़ितों ने थाने में कार्रवाई ना करने की बात कही है, उसकी भी जांच की जा रही है.
डिंडोरी विकासखंड के खुरपार गांव स्थित एकीकृत माध्यमिक शाला जर्जर भवन में संचालित हो रही है, जहां 62 छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग लगने से दोनों की मौत हुई है या फिर किसी साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है.
Jabalpur: जबलपुर से गेहूं के भंडारण में घोटाले के एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबकि अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस से करीब 1000 टन गेहूं गायब हुआ है.
MP News: इस मामले में कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ने पर बांदरी थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की गई. अब इस मामले की गूंज नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तक पहुंच गई है. बुधवार को लोधी समाज के लोगों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा.
Mandla News: जानकारी के अनुसार, यह खबर मंडला जिले के भुआ बिछिया विकासखंड की है. मंगलवार को घुटास नयेगांव निवासी रजनी सिंगराम पति गणेश सिंगराम को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और उन्हें दोपहर करीब 12 बजे निजी वाहन द्वारा पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुआ बिछिया लाया गया.
Jabalpur News: जबलपुर में जल्द ही मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा भारत माता मंदिर तैयार होने जा रहा है उज्जैन के बाद जबलपुर में बन रहा भारत माता मंदिर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा.
रेस्क्यू करने वाली होमगार्ड्स और NDERF की टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल इसी शख्स को रेस्क्यू करके बचाया गया था. पिछले साल जुलाई में युवक इसी जगह पर फंस गया था, लेकिन उस समय युवक को बचाने में कामयाबी मिल गई थी. बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति सही नहीं है.
युवकों ने बताया कि अगर कोई कुछ बोलता है तो उसकी बात माननी चाहिए. खासतौर पर अगर कोई बड़ा कोई कुछ बोलता है तो उस पर ध्यान देना चाहिए. अब अगर दोबारा आएंगे तो टाइम से निकल जाएंगे. साथ ही सबसे अपील करते हैं कि कभी भी आएं तो जानकारी और गाइडलाइन का पालन जरूर करें.
जलभराव के कारण अस्पताल में इलाज प्रभावित हुआ और हालात ऐसे बन गए कि गर्भवती महिला को बिना इलाज के जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.