महिला ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति सही नहीं है. कुछ दिन पहले लक्ष्मी आंटी से मुलाकात हुई थी. लक्ष्मी आंटी ने कहा कि हिंदू धर्म में कुछ नहीं रखा है. सारी जिंदगी गरीबी में बीत जाएगी. अगर ईसाई बन जाओ तो बहुत फायदा है.
जिले में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण नर्मदा समेत अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं. मालपुर गांव में नर्मदा नदी पर बना रपटा पूरी तरह जलमग्न हो गया है, हालांकि बड़े पुल से आवागमन जारी है.
Jabalpur News: यह मामला गोसलपुर थाना क्षेत्र का है. बरेला निवासी पीड़ित गौतम यादव की शादी 21 जून को हुई थी. 23 जून को पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल हुआ. अगले दिन सबने बंजारिन माता मंदिर जाने का प्लान बनाया. इसी दौरान पति-पत्नी शादी की तस्वीरें खिंचवाने के लिए स्टूडियो पहुंचे थे.
बताया जा रहा है कि लखनादौन में पदस्थापना के दौरान हुई शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की थी. प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के तथ्य मिलने पर नरसिंहपुर न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई.
पूरे मामले पर कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष पर रासुका लगाने के लिए कोर्ट सरकार को बाध्य नहीं कर सकता है. रासुका के तहत कार्रवाई करना संबंधित अधिकारियों का अधिकार है.
जानकारी के अनुसार, कन्हैया गौड़ ने आरोपी रितेश यादव को महिलाओं के सामने कथित रूप से गाली-गलौज करने से रोका था. इसी बात से नाराज होकर रितेश यादव ने चाकू निकालकर कन्हैया पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
Jabalpur News: कृषि अधिकारियों ने विकासखंड पाटन के ग्राम करोंदी में छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नकली डीएपी बनाने में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री और ब्रांडेड कपनी की खाली बोरियां जप्त की हैं. कार्रवाई में ग्राम करौंदी में 14 मील स्थित बहादुर सिंह राजपूत के घर से दानेदार सामग्री की 61 भरी और 100 खाली बोरियां तथा पीपीएल कंपनी के डीएपी के 56 खाली बैग बरामद किये गये.
तीन दोस्तों के नदी में डूबने के बाद बाकी 5 युवक काफी डर गए. घटना के बाद सभी वापस अपने घर आ गए. काफी देर तक उन्होंने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी, लेकिन उनमें से एक युवक ने हिम्मत करके अपने घरवालों को इसकी जानकारी दी.
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देने के साथ-साथ घायलों को वाहन से बाहर निकालने में भी सहायता की.
जबलपुर के उत्पादन को बड़ी सौगात मिली है. जबलपुर के मटर और सिंघाड़े को जीआई टैग मिला है. जीआई टैग मिलने से जबलपुरी मटर और सिंघाड़े को वैश्विक बाजार में पहचान मिलेगी.