मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां सामान्य दिनों में 10 से 15 जून के बीच मानसून पहुंचता है. लेकिन इस बार लेट होने के कारण इसके 18 से 20 जून को पहुंचने की संभावना है.
गुरुवार को कई जिलों में बारिश और ओले देखने को मिले हैं. मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार शाम को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिल सकती है.
मध्य प्रदेश में नौतपा के दिनों में प्री मानसून से पहले भीषण गर्मी के आक्रामक तेवर दिखाई दे रहे हैं. मध्य प्रदेश के कई इलाकों का तापमान राजस्थान और बुंदेलखंड से भी ज्यादा है.
पिछले 10 सालों में नौतपा के दिनों में मध्य प्रदेश का तापमान औसत 43 डिग्री के आसपास रहा है. अगर पिछले साल की बात करें तो 2025 में नौतपा में औसत तापमान 37.5 डिग्री रहा था. हालांकि इस बार मई में नौतपा से पहले ही पारा 46 डिग्री के पास पहुंच चुका है.
गर्मी का असर अब वाहनों और मोबाइल पर भी दिखने लगा है. विदिशा में भीषण गर्मी के कारण पेट्रोल पंप के सामने खड़े एक ट्रक में आग लग गई. ड्राइवर और क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचाई. गनीमत रही कि आग की लपटें पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची, नहीं तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था.
राजधानी भोपाल में सुबह 10 बजे के पहले ही तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच रहा है. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को खासतौर पर सावधानी बरतने की सलाह है.
मई में खजुराहो तीन दशकों में पहली बार इतना गर्म रहा है. राजधानी भोपाल में गर्मी के कारण सड़कें और बाजार सूने दिखे. भोपाल में पारा 42.6 डिग्री था, लेकिन दिन में एहसास 45 डिग्री का था.
दिन के साथ ही रात में भी लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है. डॉक्टर्स का कहना है जिस तरह से दिन में गर्मी हो रही है. दोपहर 12 से 3 बजे तक घर के बाहर निकलने से बचें.
मध्य प्रदेश में 10 जून से 15 जून के बीच मानसून दस्तक देता है. लेकिन इस बार 12 जून को ही मानसून के पहुंचते ही गर्मी से राहत मिल सकती है.
खजुराहों 45.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा. इसके अलावा राजधानी भोपाल में लोगों ने भीषण गर्मी महसूस की. मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को भी इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में लू का अलर्ट है.