नवनिधि ने इसमें बताया है कि जिन वकीलों को गरीबों, वंचितों और शोषितों का केस लड़ने के लिए लगाया जाता है, गिरिबाला उन वकीलों का इस्तेमाल अपने लिए कर रही हैं.
रामेश्वर शर्मा ने कहा, 'दिग्विजय सिंह 10 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं. उन्हें निर्वाचन आयोग और हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली के बार में पता है. लेकिन फिर भी उन्होंने इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की.'
कमलनाथ ने कहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, लेकिन उसके पहले ही बीजेपी के प्रत्याशियों को जीत दे दी गई. कमलनाथ ने इसे जनता और लोकतंत्र के साथ धोखा बताया है.
चोडनकर ने आगे कहा, 'रिटर्निंग ऑफिसर इस तरह नॉमिनेशन रिजेक्ट ही नहीं कर सकते. बहुत सारे नियम हैं. इलेक्शन कमीशन ने अपना काम सही तरीके से नहीं किया है. लेकिन अब हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं. हमको पूरी तरह यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट अपना काम बखूबी करेगा. सुप्रीम कोर्ट पूरा मामला एक मिनट में सॉल्व कर देगा.'
तीसरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज हो गया था, जिसके बाद गुरुवार को बीजेपी के तीनों प्रत्याशियों को जीत का सर्टिफिकेट मिल गया है. हालांकि अब रिटर्निंग ऑफिसर के नामांकन खारिज होने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.
एसपी ने बच्चे से परेशानी के बारे में पूछा. जिस पर बच्चे ने जवाब देते हुए कहा कि पापा मेरी मम्मी को मारते हैं.
भोपाल में ईसी ऑफिस के सामने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरने पर बैठे हैं.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हमारे प्रत्याशी पर कोई भी केस दर्ज नहीं है. लेकिन ये लोकतंत्र में खुलेआम तानाशाही की जा रही है.
जीतू पटवारी ने कहा, 'बीजेपी ने मध्य प्रदेश का इतिहास कलंकित कर दिया. इसको राजनीतिक दुष्टता का नाम दिया जाता है. एक निर्वाचन अधिकारी, जो विधानसभा का सेक्रेटरी भी है. उसने भारतीय जनता पार्टी का अमली जामा पहन लिया और मध्य प्रदेश को कलंकित कर दिया.'
सीताराम ने पतिराम की गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार किए. जिसमें पतिराम की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए.