Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका में शांति वार्ता विफल होने के बाद यूएस आज से होर्मुज में नाकाबंदी करने जा रहा है. इससे पहले ही जहाजों की आवाजाही ठप हो चुकी है. इसके साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है.
Strait Of Hormuz: शांति वार्ता फेल होने पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'अमेरिकी नौसेना तुरंत प्रभाव से होर्मुज में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी जहाजों को रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी."
US and Iran Talk: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत में कोई समझौता नहीं हुआ, अमेरिका का कहना है कि यह ईरान के लिए बुरी खबर है. जबकि ईरान का कहना है कि उनकी शर्तें बहुत कड़ी थीं.
Islamabad Talks: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर वार्ता चल रही थी. लेकिन 21 घंटे चली लंबी बातचीत को कोई नतीजा नहीं निकला.
US Iran Talks: मध्य-पूर्व मामलों के जानकार शहनवाज़ मलिक का कहना है कि समस्या सिर्फ वार्ता स्थल की नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास की है. ईरान ने पहले ही संकेत दिया है कि वह अमेरिकी प्रस्तावों को लेकर बेहद सतर्क है.
Iran mines at hormuz: ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच 40 दिनों तक युद्ध चला था. इस दौरान सबसे ज्यादा असर होर्मुज स्ट्रेट पर देखने को मिला. जंग के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के लिए बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल किया था. अमेरिका की तरफ से दावा किया जा रहा है कि ईरान ने पूरे […]
Iran US ceasefire talks: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांतिवार्ता से पहले ईरान ने एक तस्वीर शेयर की है. जिसके बाद दुनियाभर में इसकी चर्चा होने लगी है. फ्लाइट की खाली सीटों पर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनका सामान रखा गया था.
US-Iran talks Islamabad summit: पाकिस्तान में सीजफायर को लेकर बातचीत होने वाली है. इसको लेकर पाकिस्तान ने भी तैयारियां कर ली हैं. दूसरी तरफ ईरान और इजरायल के बयान ने इस बातचीत पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
US-Iran Talks: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत होने वाली है. इस बातचीत से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जेडी वेंस की सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान में सीजफायर को लेकर कल होने बातचीत पर पूरी दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं. हालांकि इस बातचीत को लेकर संशय भी बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका और ईरान दोनों ही अपनी बात पर अड़े हुए हैं.