महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरने के बाद बचे 2 और विधेयकों का क्‍या होगा?

Delimitation Bill India 2026: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया. इसके बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि सरकार इसके साथ जो दो और ब‍िल लाई थी. उनका क्या होगा? इसके साथ ही आगे क्या विकल्प बचा है. आइये इन सब सवालों के जवाब जानते हैं.
मह‍िला आरक्षण बि‍ल गिरने के बाद क्‍या होगा?

मह‍िला आरक्षण बि‍ल गिरने के बाद क्‍या होगा?

Delimitation Bill India 2026: लोकसभा में शुक्रवार 17 अप्रैल को सीटें बढ़ाने के लिए संविधान का 131 वां संशोधन बिल लाया गया था. हालांकि 2 वोटों से यह बिल गिर गया. ऐसा पहली बार है जब मोदी सरकार पिछले 12 सालों में अपना कोई बिल पास नहीं करा पाई है. अगर यह ब‍िल पास हो जाता तो संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था. अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि इस बिल के साथ सरकार जो 2 और बिल लाए थे, उनका क्या होगा?

सरकार की तरफ से महिला आरक्षण के साथ-साथ परिसीमन विधेयक 2026 ब‍िल भी पेश किया गया था. इस बिल में संसद की सीटों को नए सिरे से निर्धारित करने का प्लान था. इसके अलावा दूसरा ब‍िल केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026- दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर को विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में शामिल किया गया था.

महिला आरक्षण ब‍िल गिरने के बाद सरकार ने तय किया है कि वह इन विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी. इन बिलों को लेकर सरकार की तरफ से कहा गया है कि ये दोनों बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है.

PM और गृहमंत्री ने की थी पक्ष में वोट करने की अपील

लोकसभा में वोट‍िंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीड‍िया पोस्‍ट पर दो पोस्‍ट शेयर की थीं. इनमें उन्‍होंने व‍िपक्ष से इस ब‍िल के समर्थन में वोट करने की अपील की थी. हालांकि ऐसा नहीं हुआ है. जबकि अमि‍त शाह ने कहा था कि हम व‍िपक्ष के भरोसे ही यह ब‍िल लेकर आए थे. लेक‍िन, व‍िपक्ष मह‍िलाओं के समर्थन में ही नहीं है.

हालांकि पीएम मोदी ने कहा था कि जो लोग इस बिल का व‍िरोध कर रहे हैं. उनको आने वाले समय में इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी ही पड़ेगी. उन्‍होंने कहा कि यह मह‍िलाओं के हक को छीनने जैसा ही है.

ब‍िल गिरने के बाद क्या बचा विकल्प?

संसद में महिला आरक्षण ब‍िल गिरने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि अब आगे क्‍या होगा? तो इसका जवाब है कि अभी भी साल 2023 का मूल नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू है. लेकिन इसका फायदा महिलाओं को साल 2034 के चुनावों में मिल पाएगा. सरकार की कोशिश था कि इसे पहले लागू किया जाए. लेकिन, यह हो नहीं पाया है.  

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