‘मैं अभी-अभी हटाया गया हूं…’, राज्यसभा में राघव चड्ढा का AAP पर तंज, बोले- एक-दो मिनट का समय दे देना
राज्यसभा में राघव चड्ढा
Raghav Chadha remark: देश की संसद में महिला आरक्षण के बिलों को लेकर बहस जारी है. कांग्रेस-समाजवादी पार्टी समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेता इस बहस में हिस्सा ले रहे हैं. इन सब के बीच आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ चुकी है. राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के सम्मान के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि हमारी पार्टी के सांसद सदन में मौजूद नहीं है. लेकिन वह सदन में मौजूद हैं. हालांकि उन्हें कुछ ही समय पहले हटाया गया है.
राज्यसभा में बात रखते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि मेरी पार्टी के नए डिप्टी लीडर संसद में सदन में मौजूद नहीं हैं और मैं हाल ही में हटाया गया डिप्टी लीडर सदन में मौजूद हूं. आपने मुझे बोलने का मौका दिया. इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. उनका यह बयान साफ तौर पर पार्टी नेतृत्व पर तंज माना जा रहा है.
राघव चड्ढा ने सदन में क्या-क्या कहा?
राघव चड्ढा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हरिवंश नारायण सिंह के साथ मेरा व्यक्तिगत रिश्ता थोड़ा खट्टा-मीठा रहा है. मीठा उस वक्त जब टॉपिक पर रहते हुए सटीक बात करते हैं तब उनकी पर्ची और उनका आशीर्वाद आता है. लेकिन जब खट्टा होता है उस वक्त टॉपिक से अलग चले जाते हैं तो डांट भी खाते हैं.
My remarks on the election of new Deputy Chairman of the Rajya Sabha, Shri Harvansh ji.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 17, 2026
I am sure his vast experience will greatly benefit the functioning of the House and help uphold its dignity, decorum & democratic traditions. pic.twitter.com/XJk6ifocDz
सदन में बोलने का समय देते रहें- राघव
राघव ने हरिवंश नारायण सिंह को उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी. इसके साथ ही आगे उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भविष्य में बोलने के लिए एक-दो मिनट ज्यादा समय मिलने की उम्मीद है. मतलब साफ है कि राघव ने अपनी इस स्पीच में साफ कर दिया कि पार्टी ने उन्हें ना बोलने देने के लिए पत्र लिखा है. लेकिन अगर सभापति चाहे तो मुझे समय दे सकते हैं. इससे मैं जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे.
AAP ने हाल ही राघव को डिप्टी लीडर पद से हटाया था
राघव चड्डा और आम आदमी पार्टी के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं. यही वजह है कि हाल ही में पार्टी ने राघव को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था. इसके बाद आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने आरोप लगाए थे कि राघव डर चुके हैं. यही वजह है कि बीजेपी के खिलाफ नहीं बोलते हैं. जबकि राघव ने अपने बचाव में कई बातें रखीं थीं. लगातार कई पोस्ट सोशल मीडिया पर भी की थीं.
दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चड्ढा संसद में “सॉफ्ट पीआर” कर रहे हैं और बड़े मुद्दों के बजाय छोटे विषय उठा रहे हैं. भगवंत मान ने तो सीधे कहा, “क्या वह समझौता कर चुके हैं? जबकि राघव ने इन सब को सोची समझी साजिश बताया था.
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