बाघों की कब्रगाह बना कान्हा नेशनल पार्क! एक और टाइगर की मौत, पिछले एक महीने में 8 मौतें

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में लगभग एक माह मे 8 बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें एक बाघिन समेत उसके 4 शावकों की मौत भी शामिल हैं.
Another tiger dies in Kanha National Park.

कान्हा नेशनल पार्क में एक और बाघ की मौत.

MP News: कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार सुबह एक और टाइगर की मौत हो गई. खापा रेंज के पास गश्त दल को जंगल में एक बाघ का शव पड़ा मिला है. बताया जा रहा है कि आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही बाघ की मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी. महावीर(बाघ) की उम्र लगभग 5 से 6 साल थी और MB- 3 बाघिन का बेटा था.

एक महीने में 8 बाघों की मौत

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में लगभग एक माह मे 8 बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें एक बाघिन समेत उसके 4 शावकों की मौत भी शामिल है. लेकिन टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का सिलसिला जारी है.

21 अप्रैल को अमाही नाला के पास 16 महीने के एक नर शावक का शव बरामद हुआ. पोस्टमार्टम में पाया गया कि शावक का पेट पूरी तरह खाली था, जिससे भूख से मौत की आशंका जताई गई. इसके दो दिन बाद 23 अप्रैल को एक अन्य नर शावक की मौत की खबर सामने आई. डॉग स्क्वॉड और हाथियों की मदद से क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया गया, लेकिन मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके. 23 अप्रैल को जत्ता बीट मे भी एक नर बाघ का शव मिला था. 29 अप्रैल को मुक्की रेंज मे 10 वर्षीय मादा बाघ और उसके डेढ़ वर्षीय नर शावक की भी मौत हो गई. वहीं 4 मई 2026 कान्हा नेशनल पार्क की किसली जोन मे प्रसिद्ध बाघ डिगडोला की मगरनाला मे मौत हुई. वन विभाग के अनुसार क्षेत्रीय संघर्ष में मौत होने का कारण सामने आया था.

वर्चस्व की लड़ाई और भूख बन रहा मौत का कारण

कभी भूख मिटाने के लिए, तो कभी क्षेत्रीय वर्चस्व की जंग, तो कभी मादा बाघ के लिए दो बाघों का आपस में भिड़ जाना, कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का का कारण बनी हुई हैं. बाघों के लिये देश-विदेश में मशहूर कान्हा नेशनल पार्क में बाघों के बीच अक्सर जंग की खबरे मिलती रहती है.

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