MP News: एमपी के इस जिले में डेढ़ साल तक बंद रहेगा चंबल नदी का पुल, 5 किमी लंबे चक्कर के बाद मिलेगा हाईवे का रास्ता
चंबल ब्रिज धार
MP News: धार जिले के घाटाबिल्लौद से होकर जाने वाली चंबल नदी पर बने ब्रिज को तौड़कर मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम नया ब्रिज बनाने जा रही है. इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. भोपाल की फर्म के जारिए ब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है. ब्रिज के बनने की प्रक्रिया शुरू होते ही चंबल नदी के पुल से वाहनों का अवागमन बंद हो जाएगा. इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर से होकर रतलाम-नीमच-मंदसौर के लिए जाने वाले लोगों पर होगा. पुल का निर्माण शुरू होते ही इस रूट के लोगों को 5 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर नेशनल हाईवे इंदौर-अहमदाबाद के रास्तों का उपयोग करके लेबड़ तक लाना होगा.
विभाग ने बनाया डायवर्सन प्लान
ब्रिज निर्माण के दौरान यात्रियों के लिए विभाग ने मार्ग डायवर्सन प्लान भी बनाया है. इसमें नेशनल हाईवे के ब्रिज से होकर पानखेड़ी और लेबड़ तक जाया जा सकेगा. विभाग द्वारा बनाए गए इस डायवर्सन प्लान को अनुमति के लिए जिला प्रशासन को भेज दिया गया है. अनुमति मिलने पर प्लान का काम शुरू हो जाएगा.
प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 40 करोड़ रुपये
वर्तमान में चंबल नदी पर सिंगल पट्टी ब्रिज है, जिसके चलते इसकी चौड़ाई करीब 20 फीट है. नया फोरलेन ब्रिज 24 मीटर चौड़ा होगा. दोनों ओर से 12-12 मीटर की सड़क रहेगी. 18 महीने निर्माण की अवधि तय की गई है. करीब 40 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट पर खर्च हाेने हैं. बताया जा रहा है कि सिंहस्थ 2028 के पूर्व तैयार कर लिया जाएगा. नया पुल तैयार करने के बाद यातायात सुगम और सुरक्षित हो सकेगा.
वर्तमान में बना पुल उस दौर के वाहनों को देखकर बनाया गया था. पुल अभी भी मजबूती के साथ खड़ा है, लेकिन बड़े औद्योगिक सामग्रियों के वाहनों के लिए उपयोगी नहीं है. कुछ समय पहले बड़े औद्योगिक वाहनों को निकालने के लिए चंबल में अतिरिक्त अस्थाई मार्ग का निर्माण किया गया और इन्हीं मार्गो से वाहनों को निकाला गया था. फोरलेन ब्रिज बनने के बाद इससे बड़े वाहनों के लिए राहत मिलेगी.
डायवर्सन का लगा बोर्ड
डायवर्सन के लिए सड़क विकास निगम ने बिना अनुमति मिले ही पुल के पहले सड़क पर मार्ग परिवर्तन निर्माण कार्य प्रगतिरत है जैसे बोर्ड लगा दिए हैं. इसके चलते रास्ते पर यातायात का दबाव कम हो गया. इधर ब्रिज के जारिए घाटाबिल्लौद के लोगों को इस पार से उस पार जाने के लिए आंतरिक छोटे-छोटे मार्गों का उपयोग करना होगा. आने वाले समय में पानखेड़ी और लेबड़ मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाएगा.
निर्माण कार्य पूरा होने में लग सकता है 18 महीने का समय
धार सड़क विकास निगम एसडीओ ने बताया कि चंबल नदी पर फोरलेन ब्रिज निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. रूट डायवर्सन प्लान बनाकर अनुमति के लिए स्थानीय प्रशासन को दिया गया है. प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा. कार्य पूरा होने के लिए 18 महीने का समय लग सकता है.
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