‘3 बच्चे करोगे तो कुछ नहीं कर पाओगे’, मैहर कलेक्टर महिलाओं पर भड़कीं; कहा- भेड़, बकरियों की तरह पालोगे
मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया.
Maihar collector Vidisha Mukherjee: बाबा बागेश्वर के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के 4 बच्चों को पैदा करने वाले बयान के बाद अब मैहर कलेक्टर का बयान चर्चा का विषय बन गया है. मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने शनिवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. यहां वह मैटरनिटी वार्ड पहुंची. इस दौरान कलेक्टर उन महिलाओं पर भड़की नजर आईं. जिन महिलाओं के 2 से ज्यादा बच्चे थे, कलेक्टर ने उन महिलाओं को नसीहत तक दे डाली कि अगर ज्यादा बच्चे पैदा करोगे तो उन्हें भेड़, बकरियों की तरह पालना पड़ेगा.
‘तीसरा बच्चा भी बहुत ज्यादा’
मैटरनिटी वार्ड में कलेक्टर ने एक महिला से पूछा कि तुम्हारे कितने बच्चे हैं. इस पर महिला ने बताया कि उसके 5 बच्चे हैं. इसके बाद कलेक्टर भड़क गईं. उन्होंने कहा कि आज के जमाने में 5 बच्चे कौन करता है.’फिर उन्होंने एक दूसरी महिला से पूछा कि तुम्हारे कितने बच्चे हैं. इस पर महिला ने बताया कि मेरे दो बेटियां हैं, ये तीसरा बच्चा है. कलेक्टर बोलीं कि तीसरा बच्चा भी बहुत ज्यादा है. मेरा कहना है कि बेटा हो या, बेटी हो, अगर आप उसे अच्छे से पढ़ाते हैं, तो वह आपका नाम रोशन करेंगे. लड़कों के चक्कर पड़ोगे तो कुछ नहीं कर पाओगे. मानो अगर तुम्हारे 8 बेटियां हो गईं तो हर बेटी में तुमको पैसा लगाना पड़ेगा. उसका खाना खिलाने से लेकर, बड़ा करने तक. पढ़ाई करने से लेकर शादी करने तक पैसा खर्च होगा. मानो तुम्हारे एक बेटी होगी तो तुम्हे 5 लाख खर्च करना पड़ेगा, लेकिन 10 बेटियां होग गईं तो तुम्हें 50 लाख रुपये खर्च करना पडे़गा. इतने बच्चे कौन करता है.
इसके बाद कलेक्टर ने महिला के साथ आई रिश्तेदार से पूछा कि आप कौन हैं. जिसके जवाब में महिला ने बताया कि वह प्रसूता की जेठानी हैं. केलक्टर ने जेठानी से भी पूछा आपके कितने बच्चे हैं. जेठानी के दो बच्चे होने की बात पर कलेक्टर ने कहा कि आपने ठीक किया. लेकिन आप इनको भी समझाइए.
धीरेंद्र शास्त्री ने कही थी 4 बच्चे पैदा करने की बात
मैहर में महिला कलेक्टर का बच्चे पैदा करने वाला बयान ऐसे समय में आया है, जब धीरेंद्र शास्त्री का एक बयान काफी चर्चा में है. दरअसल बाबा बागेश्वर के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर में कुछ दिन पहले कहा था कि हिंदुओं को अपनी आबादी बढ़ानी चाहिए और हिंदुओं से 4 बच्चे पैदा करने की अपील की थी. साथ ही कहा था कि एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को समर्पित कर देना चाहिए. लेकिन अब कलेक्टर ने इसके विपरीत महिलाओं से ज्यादा बच्चे ना पैदा करने के लिए कहा है.
हालांकि कलेक्टर का बयान जमीनी हकीकत की तरफ इशारा कर रहा है. बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च, और सीमित संसाधनों के बीच बड़े परिवार को संभालना आज आम आदमी के लिए चुनौती बनता जा रहा है.