Mauganj: मां अष्टभुजा धाम 500 सालों है आस्था का केंद्र, देवी के आदेश पर राजा प्रताप सिंह ने बसाई थी नईगढ़ी

Mauganj News: मऊगंज जिले के नईगढ़ी स्थित देवीपुर में विराजमान मां अष्टभुजा के दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की कतारें लग रही हैं. जिले सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और दूसरे राज्यों से भी भक्त माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. करीब 500 वर्षों की आस्था और प्राचीन मान्यताओं से जुड़ा यह धाम क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
mauganj maa ashtabhuja dham

मऊगंज मां अष्टभुजा धाम

Mauganj News: शारदेय नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दुर्गा के जयकारों से प्रसिद्ध मां अष्टभुजा धाम गूंज रहा है. मऊगंज जिले के नईगढ़ी स्थित देवीपुर में विराजमान मां अष्टभुजा के दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की कतारें लग रही हैं. जिले सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और दूसरे राज्यों से भी भक्त माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. करीब 500 वर्षों की आस्था और प्राचीन मान्यताओं से जुड़ा यह धाम क्षेत्र की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

दिव्य ज्वाला के रूप में प्राकट्य की मान्यता

मां अष्टभुजा धाम की स्थापना को लेकर प्रचलित जनश्रुति बेहद रोचक है. मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में यहां घने जंगल के बीच देवी दिव्य ज्वाला के रूप में प्रकट हुई थीं. किंवदंती है कि लालगंज गांव के एक ग्वाले ने उस ज्वाला को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह देवी का दिव्य स्वरूप थी. इसी दौरान सेंगर वंशीय राजा प्रताप सिंह को स्वप्न में माता ने इस स्थान को श्रद्धालुओं के लिए छोड़ने का आदेश दिया. जनश्रुति के अनुसार, माता के आदेश के बाद राजा प्रताप सिंह ने यहां नईगढ़ी बसाई. यही मान्यता आज भी इस धाम की धार्मिक महत्ता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का आधार बनी हुई है.

127 साल पहले बना वर्तमान मंदिर

धाम का वर्तमान मंदिर लगभग 127 वर्ष पहले साधु राम कोडरिया द्वारा बनवाए जाने की मान्यता है. समय के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया. नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन-पूजन के साथ बच्चों के मुंडन और कर्ण छेदन जैसे धार्मिक संस्कार संपन्न कराए जा रहे हैं. श्रद्धालु माता के दरबार में नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं. कथा श्रवण, हवन और विशेष पूजा-अर्चना के माध्यम से भक्त देवी की आराधना में लीन हैं.

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की नजर

नवरात्रि में बढ़ती भीड़ को देखते हुए राजस्व विभाग, नगर परिषद और पुलिस प्रशासन व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं. थाना प्रभारी अनिल काकड़े पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं, मुख्य नगर पालिका अधिकारी के मार्गदर्शन में नगर परिषद द्वारा साफ-सफाई और आवागमन को व्यवस्थित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. धाम परिसर और आसपास लगने वाली सैकड़ों दुकानों से स्थानीय व्यापारियों और परिवारों को रोजगार का अवसर भी मिलता है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं.

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आस्था, परंपरा और स्थानीय अर्थव्यवस्था का संगम

मां अष्टभुजा धाम केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि नईगढ़ी की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है. नवरात्रि के दौरान यहां उमड़ने वाली भीड़ क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था को दर्शाती है. माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय बाजारों में भी रौनक दिखाई दे रही है. प्राचीन मान्यताओं, ऐतिहासिक जनश्रुतियों और भक्तों की श्रद्धा से जुड़ा मां अष्टभुजा धाम आज भी हजारों लोगों के विश्वास का केंद्र बना हुआ है.

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