Buddha Purnima 2026: ‘हर इंसान की 4 पत्नियां होनी चाहिए…’, जानिए गौतम बुद्ध ने ऐसा क्यों कहा

Buddha Purnima 2026: गौतम बुद्ध ने एक बार सांकेतिक तौर पर कहा था कि हर इंसान की 4 पत्नियां होनी चाहिए. उन्होंने ये बात जीवन के अर्थों को समझाने के लिए कही थी. इस बात का उल्लेख 32 आगम सूत्रों में से एक में मिलता है
Buddha Purnima 2026

गौतम बुद्ध

Buddha Purnima 2026: शास्त्रों के अनुसार गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है. उन्होंने दुनिया को करुणा, शांति और अहिंसा का संदेश दिया. लोगों को मध्यम मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. उनके अनुसार ना कम, ना ज्यादा मध्यम मार्ग का पालन करना चाहिए. भगवान बुद्ध को बौद्ध धर्म का संस्थापक कहा जाता है. वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है.

‘हर इंसान की चार पत्नियां होनी चाहिए’

गौतम बुद्ध ने एक बार सांकेतिक तौर पर कहा था कि हर इंसान की 4 पत्नियां होनी चाहिए. उन्होंने ये बात जीवन के अर्थों को समझाने के लिए कही थी. इस बात का उल्लेख 32 आगम सूत्रों में से एक में मिलता है. बुद्ध ने अपने अनुयायियों को एक व्यापारी की कहानी सुनाई जिसमें इस बात का रहस्य छिपा था.

व्यापारी और उसकी 4 पत्नियों की कहानी

भगवान बुद्ध ने बताया कि एक व्यापारी की पत्नियां थीं. उम्र बढ़ने के साथ उसका शरीर साथ छोड़ने लगा और अंत करीब आ गया. मौत की घड़ी पास आते देख उसे खालीपन का अहसास होने लगा. इस पर उसने अपनी पहली पत्नी को बुलाया और कहा कि मैंने तुम्हें प्यार किया, तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी, अब मेरा अंत करीब है क्या तुम मेरे साथ चलोगी, जहां मौत के बाद जाना है. उसे यकीन था कि पहली पत्नी उसका साथ देगी.

व्यापारी के सवाल पर पत्नी ने कहा कि मुझे पता है कि तुमने मुझसे प्यार किया है, देखभाल की है लेकिन अब वक्त आ गया है कि हम एक-दूसरे से अलग हो जाएं.

यही सवाल व्यापारी ने दूसरी पत्नी से कहा कि मुझे हमेशा डर रहता था कि तुम मुझे कहीं छोड़कर ना चले जाओ इसलिए मैंने तुम्हें अपने पास हमेशा रखा. इस पर उसने जवाब देते हुए कहा कि जब पहली पत्नी ने साथ नहीं दिया तो मैं कैसे दे सकती हूं. तुमने हमेशा स्वार्थ की वजह अपने साथ रखा. अब विदा लेने का वक्त आ गया है. मैं तुम्हारे साथ नहीं जा सकती हूं.

पहली और दूसरी पत्नी के मना करने के बाद व्यापारी ने तीसरी पत्नी से यही सवाल किया. इसके जवाब में पत्नी ने कहा कि मैं तुम्हारे साथ नहीं जा सकती लेकिन अंतिम संस्कार तक तुम्हारे साथ चलूंगी.

तीनों पत्नियों की ना सुनने के बाद व्यापारी का मन दुखी हो गया. अब उसे चौथी पत्नी का ध्यान आया. उसने हमेशा चौथी पत्नी के साथ बुरा व्यवहार किया, उपेक्षा किया. उसे लग रहा था कि ना में ही जवाब मिलेगा लेकिन हुआ इसका उल्टा.

चौथी पत्नी ने कहा, ‘किसी भी परिस्थिति में मैं तुम्हारे साथ चलने को तैयार हूं, हमेशा की तरह तुम्हारे साथ रहूंगी, किसी भी कीमत पर तुमसे अलग नहीं होऊंगीं’

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आखिर कौन हैं चारों पत्नियां?

महात्मा बुद्ध ने अपने अनुयायियों को ये कहानी इंसान के जीवन का कड़वा सत्य बताने के लिए सुनाई थी. हर पत्नी का अलग अर्थ है. पहली पत्नी शरीर होती है, जिसे हम सहेजते हैं, संवारते हैं लेकिन मृत्यु के बाद यही पहले साथ छोड़ता है. दूसरी पत्नी धन-दौलत, संपत्ति और भौतिक संसाधन हैं. ये भी मृत्यु के बाद साथ नहीं जाते. तीसरी पत्नी, रिश्तेदार, दोस्त और समाज है जो अंतिम संस्कार तक साथ निभाते हैं. चौथी पत्नी कर्म हैं जो मृत्यु के बाद उसके साथ जाते हैं.

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