Baglamukhi Jayanti 2026:अप्रैल म‍हीने में कब है बगलामुखी जयंती? जानिए सही तिथि और पूजा विधि

Baglamukhi Jayanti: वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्‍टमी के दिन मां बगलामुखी जयंती मनाई जाती है. इस साल बगलामुखी जयंती किस तिथि को मनाई जानी है, इसे लेकर लोगों के अंदर उत्सुकता बनी हुई है.
Baglamukhi Jayanti 2026

मां बगलामुखी

Baglamukhi Jayanti 2026 Date: हिंदू धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार 10 महाविद्याओं में मां बगलामुखी अष्‍टम (आठवीं) महाविद्या है. वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्‍टमी के दिन मां बगलामुखी जयंती मनाई जाती है. इस साल बगलामुखी जयंती किस तिथि को मनाई जानी है, इसे लेकर लोगों के अंदर उत्सुकता बनी हुई है और सही तारीख को जानकर विधि-विधान से माता की पूजा करना चाहते हैं.

कब है बगलामुखी जयंती?

साल 2026 में 25 अप्रैल शुक्रवार को मां बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी. कहा जाता है कि यदि पूरे ब्रह्मांड की शक्तियां भी मिल जाए तो वह मां बगलामुखी का मुकाबला नहीं कर सकती हैं. मां बगलामुखी को पीताम्बरा, बगला, वल्‍गामुखी, वगलामुखी, ब्रह्मास्‍त्र विद्या आदि नामों से पुकारा जाता है. मां बगलामुखी वाणी वाक्पटुता और नियंत्रण शक्‍त‍ि का प्रतिनिधित्व करती हैं. खास बात यह है कि मां बगलामुखी की पूजा तांत्रिक साधना के लिए सबसे प्रसिद्ध मानी जाती है.

कैसे करें मां बगलामुखी की पूजा

मां बगलामुखी की तांत्रिक साधना रात्रि काल में होती है. ता‍ंत्रिक साधना को गुरु या किसी जानकार के अनुसार उनके मार्गदर्शन में ही करना चाहिए नहीं तो इसका विपरीत असर साधक के ऊपर ही हो सकता है.

मां बगलामुखी की पूजा से होने वाले लाभ

  • शत्रुओं पर विजय मिलती है.
  • कोर्ट-केस में जीत हासिल होती है.
  • वाद-विवाद में सफलता मिलती है.
  • वाणी में वाक्पटुता आती है.
  • दरिद्रता के नाश होते हैं.
  • इसके साथ ही बाधाओं से मुक्ति के लिए मां बगलामुखी की पूजा को बड़ा महत्वपुर्ण माना जाता है.

मां बगलामुखी पूजा विधि

  • मां बगलामुखी जयंती पर माता की पूजा में पीले रंग का अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए. गृहस्थ जीवन में रहने वाले लोग माता की सामान्य पूजा करें.
  • मां बगलामुखी को प्रसन्न करने के लिए सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
  • मां बगलामुखी को पीले फूल, हल्दी, अक्षत, सिंदूर, श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें.
  • माता को केला या हलवे का भोग लगाएं.
  • ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः मंत्र का जाप करें.
  • माता की आरती कर अपनी मनोकामना मां से कहें.

मां बगलामुखी की पूजा के पहले करें मृत्युंजय भैरव पूजा

  • मां बगलामुखी की उपासाना में भैरव पूजन का भी विशेष महत्व होता है. माता बगलामुखी के भैरव मृत्युंजय भैरव हैं. भैरव पूजन के लिए दशांश मृत्युंय भैरव मंत्र हौं जूं स: का जाप करना शुभ और अवश्‍यक माना जाता है.
  • वहीं, ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा। मां बगलामुखी मंत्र का जाप भी पूजा के दौरान आवश्‍यक होता है. इस जाप के करने से मां बगलामुखी का आर्शीवाद भी भक्तों पर बना रहता है.

भारत में कहां है मां बगलामुखी के प्रसिद्ध मंदिर

पूरे भारत में मां बगलामुखी के तीन प्रमुख सिद्धपीठ हैं – हिमाचल प्रदेश के बनखंडी में, मध्‍य प्रदेश के नलखेड़ा में और मध्‍य प्रदेश के दतिया में.

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(डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र और पंचांग आधारित जानकारी पर लिखी गई है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है. विस्तार न्यूज किसी भी ज्योतिषीय दावे की पुष्टि नहीं करता है.)

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