S Jaishankar In SCO Summit: एससीओ समिट को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान-चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट के कारण भारतीय संप्रभुता के उल्लंघन का मुद्दा उठाया है.
Andaman And Nicobar: भारतीय वायुसेना ने पिछले साल अमेरिकी वायुसेना द्वारा गिराए गए गुब्बारे की तुलना में एक छोटे गुब्बारे को मार गिराने में सफलता हासिल की थी.
Upendra Dwivedi: आर्मी चीफ ने कहा, 'चीन आर्टिफिशियल बस्तियां बसा रहा है. कोई बात नहीं. वह उनके देश में चाहे जो करें. लेकिन हम साउथ चाइन सी में जो देखते हैं और ग्रे जोन की बात करते हैं तो शुरुआत में हमें मछुआरे और ऐसे लोग मिलते हैं, जो सबसे आगे रहते हैं.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, वांग ने जोर दिया कि चीन और भारत को अशांत विश्व का सामना करते हुए स्वतंत्रता पर दृढ़ रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एकता और सहयोग पर जोर देना चाहिए और एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए.
कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात कही जा रही है कि प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी की छात्र शाखा, छात्र शिबिर, हिंसा भड़का रही है और बांग्लादेश में छात्र विरोध को राजनीतिक आंदोलन में बदल रही है. इन छात्रों के बारे में कहा जा रहा है कि इन्हें पाकिस्तान की ISI का समर्थन प्राप्त है.
मई 2020 से भारतीय और चीनी सेनाएं गतिरोध में उलझी हुई हैं और सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो पाया है, हालांकि दोनों पक्ष कई टकराव बिंदुओं से पीछे हट गए हैं.
Teesta River Project: शुक्रवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत दौरे पर पहुंची थी. इसी दौरान शनिवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के समय तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन में बांग्लादेश की सहायता का ऐलान किया गया.
India China Conflict: भारतीय वायु सेना (IAF) ने लद्दाख में रणनीतिक लेह एयरबेस पर दूसरा रनवे बनाना काम शुरू कर चुका है. इस रनवे का उद्देश्य सेना और आर्टिलरी को आसानी से सीमा तक पहुंचान है.
US Lawmakers Meets Dalai Lama: दलाई लामा से बुधवार को मुलाकात के बाद अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने चीन को नसीहत दी है और जोर देकर कहा है कि वह चीन को दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन को प्रभावित करने की अनुमति नहीं देंगे.
अरुणाचल प्रदेश में कई जगह के नाम बदलने के चीन के कदम का जवाब देने के लिए भारत सरकार तैयार है. भारत सरकार चीन के कब्जे वाले तिब्बत में दो दर्जन से अधिक जगह के नाम बदल कर मुंहतोड़ जवाब देने की योजना पर काम कर रही है.