Job Scam: अब ठग केवल फर्जी नौकरी के विज्ञापन ही नहीं डालते, बल्कि किसी बड़ी कंपनी के नाम से नकली ऑफर लेटर भेजकर ऑनबोर्डिंग और ट्रेनिंग की पूरी प्रक्रिया का दिखावा भी करते हैं. इस दौरान वे लोगों से निजी जानकारी और जरूरी दस्तावेज हासिल कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं.
Cyber Hygiene Course: भारत सरकार ने यह फ्री साइबर सुरक्षा कोर्स Indian Cyber Crime Coordination Centre यानी Indian Cyber Crime Coordination Centre के माध्यम से शुरू किया है. इस कोर्स में लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के आसान तरीके बताए जाते हैं.
Cockroach Janata Party Scam: साइबर पुलिस के अनुसार पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे कई राज्यों में ऐसे मामले सामने आए हैं. सिर्फ लुधियाना पुलिस को ही करीब 12 शिकायतें मिली हैं. इसके बाद कई राज्यों की पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी और वीडियो जारी किए हैं.
Mule Account Scam: म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी गलत तरीके से पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं. ठग चोरी या ठगी से कमाए गए पैसे को इन खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर करते हैं, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
Mumbai Cyber Crime: इस बार तो साइबर ठगों ने मुंबई हाईकोर्ट के जज को टारगेट किया और उनके खाते से लाखों रुपये उड़ा दिए. इस ठगी की प्लानिंग जामताड़ा में की गई थी.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया. यह कॉल सेंटर अमेरिकन नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करता था.
Digital Arrest Scam: गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर विंग इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है. दरअसल, साइबर ठग पकड़े जाने के डर से बार-बार नए अकाउंट और नंबरों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है.
ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और एटीएस अधिकारी बताकर एमएलसी को डिजिटल अरेस्ट किया. लेकिन गनीमत ये रही कि एमएलसी ने सूझबूझ दिखाया और किसी भी तरह की कोई रकम ट्रांसफर नहीं की.
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेतन आयोग या अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें. सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्राप्त किसी भी फाइल को संदिग्ध मानें.
मुख्यमंत्री के अनुसार 2020 से 2026 के बीच 3,250 मध्यप्रदेश के मूल निवासी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा अन्य राज्यों के 1,153 आरोपी और विदेशों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.