कार्यकर्ताओं ने भी सिंधिया के इस सादगीपूर्ण व्यवहार और आत्मीय जुड़ाव की सराहना की. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यही भाजपा संगठन की वास्तविक शक्ति है, जहां नेतृत्व और कार्यकर्ता के बीच औपचारिक दूरी नहीं, बल्कि परिवार जैसा संबंध होता है.
पूछताछ के दौरान आरोपी कमलभान अगिरया ने बताया कि पिता से आए दिन झगड़ा होता था. वे छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाकर विवाद करते थे. पिता का व्यवहार ठीक नहीं था, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला लिया और 5 हजार रुपये देकर उनकी हत्या करवा दी.
डीसीपी त्रिपाठी के मुताबिक क्राइम ब्रांच पुलिस की जांच में पता चला है कि कई ऐसे पीड़ित हैं, जिन्हें लाखों रुपये की मांगों का सामना करना पड़ा, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने के डर से उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई.
Twisha Sharma Case Update: भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत के मामले में कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस ने कोर्ट से 7 दिनों की रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया है.
मनोज ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें लगा था कि जिंदगी रुक गई है, लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि व्हीलचेयर पर बैठकर भी देश के लिए कुछ बड़ा करेंगे. पहले राज्य स्तर, फिर राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है.
बीमारी के इलाज के लिए 75 हजार रुपये की जरूरत थी. परिवार इलाज कराने में सक्षम नहीं था. जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पीके गुप्ता की मदद से बच्चे का फ्री में इलाज करवाया गया और उसे नया जीवनदान मिला.
MP News: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंटरनेट पर बनने वाले ट्रेंड और वास्तविक राजनीति में बड़ा फर्क होता है.
AR Rahman Bhopal Concert 2026: ए. आर. रहमान अपने लाजवाब गानों की वजह से सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बेहद लोकप्रिय हैं. उनके गाने रिलीज होते ही लोगों के दिलों पर छा जाते हैं. यही वजह है कि ए. आर. रहमान के इस खास कार्यक्रम को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रहा है.
Mp News: यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शाओं के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने पिछले दो वर्षों में बड़ा अभियान चलाया.
MP News: जनगणना कार्य में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. शिक्षिका शाहिस्ता अंजुम के बदले उनका बेटा जनगणना कार्य कर रहा था.