MP News: मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 4.80 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है.
शुरुआती जांच में फर्म ने दावा किया था कि मेडल 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी के हैं, और परीक्षण रिपोर्ट में भी इसे सही बताया गया.
MP News: रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी को करीब 54.03 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो कुल राशि का लगभग पूरा हिस्सा है. इसके विपरीत कांग्रेस को केवल करीब 1.33 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए. अन्य दलों में आम आदमी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) को भी सीमित मात्रा में आर्थिक सहयोग मिला, जो कुल चंदे का बहुत छोटा हिस्सा है.
IAS Ravi Kumar Sihag Transfer: जानकारी के अनुसार, एजीएमयूटी कैडर की आईएएस अधिकारी ईशिता राठीसे विवाह के बाद रवि कुमार सिहाग ने कैडर परिवर्तन के लिए आवेदन किया था. केंद्र सरकार की नीति के तहत दंपत्ति को एक ही कैडर में पदस्थ करने का प्रावधान है, ताकि दोनों अधिकारी एक ही स्थान पर सेवाएं दे सकें.
MP News: ओबीसी मोर्चा के 37 पदाधिकारियों में एक भी महिला को स्थान नहीं मिला, जबकि किसान मोर्चा के 31 में सिर्फ 2 महिलाएं शामिल हैं. एससी मोर्चा में 38 में एक और अजा मोर्चा में 32 में 7 महिलाओं को जगह दी गई है. ऐसे में युवा मोर्चा की टीम में संतुलन बनाए रखने का दबाव और बढ़ गया है.
MP News: आबकारी विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती घाटे वाली दुकानों की नीलामी को लेकर है. इन दुकानों में ठेकेदारों की दिलचस्पी कम देखी जा रही है. यदि ये दुकानें नहीं उठती हैं, तो विभाग के लिए तय राजस्व लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है
दावेदारों को आशंका है कि यदि वे एल्डरमैन बनते हैं तो आगामी नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद टिकट मिलने में बाधा आ सकती है. यही वजह है कि कई संभावित उम्मीदवार पसोपेश में हैं. भाजपा हाईकमान ने अगले सप्ताह इन नामों की स्क्रूटनी करने का निर्णय लिया है.
पीएम-ई ड्राइव योजना का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि इस क्षेत्र में निजी निवेश भी बढ़ेगा.
MP News: जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर इस फैसले का कड़ा विरोध जताया है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है.
MP News: रसोई गैस निर्माण के लिए कंपनियों को पृथक संयंत्र स्थापित करने होंगे. इन संयंत्रों में निर्धारित तापमान पर कोयले का प्रसंस्करण कर गैस तैयार की जाएगी. यह पहला अवसर है जब कोयला कंपनियां स्वयं कोयले से गैस निर्माण का कार्य करेंगी.