‘अखिलेश यादव में औरंगजेब की आत्मा है’, BJP नेता संगीत सोम बोले- अवैध मस्जिदों को छूट नहीं दी जा सकती

संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सोच और भाषा से लगता है कि उनके ऊपर औरंगजेब की आत्मा आ गई है.
BJP leader Sangeet Som (File Photo)

BJP नेता संगीत सोम(File Photo)

Sangeet som on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद गिराए जाने के बाद नेताओं की बयानबाजी से सूब की सियासत गरमा गई है. मुजफ्फरनगर में परशुराम जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे बीजेपी के फायरब्रांड नेता संगीत सिंह सोम ने महिला आरक्षण, संभल में मस्जिद गिराए जाने समेत तमाम मुद्दों पर अपनी राय रखी. इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव विभाजनकारी राजनीति करते हैं.

‘अवैध तरीके से बनी मस्जिदों को छूट नहीं दी जा सकती’

संभल में चल रही बुलडोजर कार्रवाई का संगीत सोम ने समर्थन करते हुए सही बताया है. बीजेपी नेता ने कहा कि देश की जितनी भी अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिद हैं, सभी को गिराया जाना चाहिए. उ्होंने कहा कि अवैध तरीके से बनी मस्जिदों को छूट नहीं दी जा सकती है. देश में सभी अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए.

‘अखिलेश यादव में औरंगजेब की आत्मा है’

शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सोच और भाषा से लगता है कि उनके ऊपर औरंगजेब की आत्मा आ गई है. वह उसी विचारधारा से चल रहे हैं. सोम ने अखिलेश यादव को विभाजनकारी राजनीति करने वाला बताया. उन्होंने अखिलेश यादव के मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण को लेकर कहा कि इससे पता चलता है कि अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं. अखिलेश यादव कुछ भी कर लें, लेकिन अब बाबर का राज दोबारा आने वाला नहीं है.

‘परशुराम जयंती सामाजिक एकता का प्रतीक’

वहीं महिला आरक्षण के मुद्दे पर संगीत सोम ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. ऐसी विषय देशहित में हैं. इसके साथ ही विपक्ष के प्रधानमंत्री मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर भी वह जमकर भड़के. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे देश का होता है. प्रधानमंत्री पर अशोभनीय टिप्पणी उनकी मानसिकता को दर्शाती है.

इसके अलावा परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी संगीत सोम ने अपनी राय रखी. सोम ने कहा कि भगवान परशुराम सभी के हैं. वह सामाजिक एकता का प्रतीक हैं. ऐसे आयोजनों को राजनीति से दूर रखना चाहिए.

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